सीएम त्रिवेंद्र का बयान, जामिया और कश्मीर से उत्तराखंड में घुसे असामाजिक तत्व, बिगाड़ रहे माहौल
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की शांति भंग करने के लिए बाहरी राज्यों से उपद्रवी घुस आए हैं। ये लोग जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी और कश्मीर से आए हैं। सीएम ने स्पष्ट शब्दों ने कहा कि ऐसी ताकतों के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। सरकार इन्हें चिह्नीत करके सख्ती से निपटेगी। मुख्यमंत्री ने यह बयान हल्द्वानी में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे धरने के संदर्भ दिया।
बृहस्पतिवार को सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित रोजगार मेले में मीडिया से रूबरू होते हुए सीएम रावत ने कहा कि कुछ लोगों से प्रदेश की शांति बर्दाश्त नहीं हो रही है। इसलिए यहां हिंसा भड़काने के लिए बाहरी लोगों को बुलाया जा रहा है।
उनका मकसद है कि प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रहे आंदोलन को भड़काया जाए, ताकि यहां हिंसा व उपद्रव की घटनाओं को अंजाम दिया जा सके। सरकार भी इसे लेकर बेहद गंभीर है। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर प्रदेश में किसी भी हिंसक घटना को अंजाम दिया गया तो सरकार दोषियों से बेहद सख्ती से निपटेगी।
हल्द्वानी में धरने से सीएम बेहद नाराज
हल्द्वानी के ताज चौराहे पर महिलाओं के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर और नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए धरने से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बेहद नाराज हैं। मुख्यमंत्री ने धरने के आयोजन को नैनीताल पुलिस की बड़ी चूक माना है।
सूत्रों के अनुसार एसएसपी नैनीताल सुृनील के. मीणा को मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में चेताया है। अभी तक प्रदेश में केवल हल्द्वानी में ही इतना बड़ा धरना हुआ है। मुख्यमंत्री ने आला पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि धरने को लेकर पूरी रिपोर्ट दी जाए और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।
एनएचएम में गड़बड़ी करने वाले नपेंगे
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने उच्च अधिकारियों को योजना की जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं।
बृहस्पतिवार को सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित रोजगार मेले में पहुंचे सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य एनएचएम योजना के जरिये आमजन को लाभ पहुंचाना है। अगर कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से नहीं निभाएगा तो उससे सख्ती से निपटेंगे।
सीएए के खिलाफ हल्द्वानी में धरना गहरे षड्यंत्र का हिस्सा : भाजपा
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हल्द्वानी में चल रहे धरने को प्रदेश भाजपा ने गहरी साजिश का हिस्सा करार दिया है। पार्टी का कहना है कि इस साजिश में बाहरी तत्व शामिल हैं, जिन पर अंकुश लगाना देश और प्रदेश हित में जरूरी है। पार्टी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान का समर्थन किया है और कांग्रेस, वामपंथी दलों पर निशाना साधा है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि सीएए के विरुद्ध हल्द्वानी में शुरू किया गया धरना पीएम मोदी के नेतृत्व की सरकार और प्रदेशों में भाजपा की सरकारों को बदनाम करने की साजिश है। इस साजिश में कांग्रेस, वामपंथी दल, सपा व अन्य विरोधी ताकतें शामिल हैं। उनकी मंशा भाजपा शासित सरकारों में अव्यवस्था फैलाने की है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी सीएए पर एकतरफा रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
भसीन ने कहा कि हल्द्वानी में जो धरना शुरू हुआ, उसमें जामिया मिलिया व कश्मीर से आए लोग शामिल हैं। ये साबित करता है कि यह धरना बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है। धरने में यह भी सामने आया है कि टुकड़े-टुकड़े गैंग उत्तराखंड में भी सक्रिय हो गया है, लेकिन इन तत्वों के षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी के लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ नहीं है।
पार्टी अभिव्यक्ति के अधिकारों का सम्मान करती है। यदि इस अधिकार का दुरुपयोग किया जाता है तो उसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। पार्टी ने मुख्यमंत्री के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हल्द्वानी में धरने की आड़ में समाज विरोधी तत्व अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना देश और प्रदेश हित में होगा।