फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   amrita rawat helps husband and son

आम आदमी के हक से मंत्रीजी के पति व बेटे की जेब हरी

Wed, 19 Feb 2014 09:28 AM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 19 Feb 2014 09:28 AM IST
विज्ञापन
amrita rawat helps husband and son
पॉलीहाउस बनाने के लिए देहरादून जिले के सैकड़ों किसानों को सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी का सालों से इंतजार हैं, लेकिन मंत्री के पति, बेटे और अन्य रिश्तेदार धड़ाधड़ पॉलीहाउस बना रहे हैं।
विज्ञापन


जिला उद्यान विभाग उन्हें एक नहीं, दो-दो बार अनुदान दे रहा है। देहरादून में मंत्री अपने परिवार को पांच माह में 14 लाख 96 हजार का अनुदान दिलवा चुकी हैं। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि मंत्री के रिश्तेदार को सब्सिडी नहीं देंगे तो किसे देंगे?
विज्ञापन

ऐसे किया घाल-मेल

amrita rawat helps husband and son

सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत यमुना कॉलोनी निवासी अनुराग कुकरेती ने जिला उद्यान अधिकारी से पॉलीहाउस निर्माण के संबंध में सूचना मांगी थी।

विभाग ने जो जानकारी दी उसके मुताबिक सतपाल सिंह पुत्र हंसराम को सात जुलाई वर्ष 2012 को चेक संख्या 3072 से एक हजार वर्ग मीटर में पॉलीहाउस बनाने के लिए 4 लाख 67 हजार 500 रुपए की सब्सिडी दी गई।

सुयश रावत पुत्र सतपाल सिंह को 19 नवंबर 2012 को चेक संख्या 3409 से दो हजार वर्ग मीटर में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 9 लाख 35 हजार की सहायता दी गई।

रिश्तेदारों को भी की खूब मदद

amrita rawat helps husband and son

दो सौ वर्ग मीटर में एक अन्य पॉलीहाउस बनाने के लिए ग्राम माजरी माफी निवासी सतपाल सिंह रावत को चेक संख्या 3695 से 93,500 रुपए की सहायता दी गई है।

सूत्र बताते हैं कि सतपाल सिंह और कोई नहीं बल्कि सतपाल महाराज ही हैं और सुयश उनके बेटे हैं। महाराज की पत्नी अमृता रावत प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। कुछ समय तक उद्यान विभाग उन्हीं के पास था।

सूत्र यह भी दावा करते हैं कि मंत्री के कुछ और रिश्तेदारों को भी पॉलीहाउस बनाने के लिए उद्यान विभाग से अनुदान दिया गया है।

विज्ञापन

आवेदनपत्र पर नहीं सतपाल की फोटो

amrita rawat helps husband and son

ग्राम माजरी माफी निवासी सतपाल सिंह रावत और सुयश रावत की पहचान सार्वजनिक न हो इसके लिए उनके आवेदन पत्रों से उनकी तस्वीरें गायब कर दी गई हैं। बिल पेमेंट पर भी न तो उनकी फोटो है न ही पॉलीहाउस की।

नियमानुसार आवेदनों पर आवेदनकर्ता की तस्वीर लगनी चाहिए। आम आदमी और किसानों के लिए आरंभ की जाने वाली सरकारी योजनाओं को सियासत और सत्ता से जुड़े लोग कैसे हड़प लेते हैं इसका एक उदाहरण भर है मंत्री के परिवार का पॉलीहाउस के लिए अनुदान प्राप्त करना।

दून जिले में कई किसान ऐसे हैं जिन्हें वर्ष 2010-11 से सब्सिडी का लाभ नहीं मिला है। 65 किसान तो वर्ष 2013 से अनुदान के लिए उद्यान विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। इनका कहना है कि योजना सिर्फ बड़े लोगों के लिए है।

आम और खास के लिए के लिए अलग-अलग नियम

amrita rawat helps husband and son

आम किसानों को भले दो सौ वर्ग मीटर में पॉलीहाउस बनाने के लिए उद्यान विभाग के कई चक्कर लगाने के बावजूद अनुदान नहीं मिल रहा है।

वहीं निवर्तमान उद्यान मंत्री के परिवार को तीन हजार दो सौ वर्ग मीटर में पॉलीहाउस के लिए अनुदान दिया गया है। जिला उद्यान अधिकारी अमर सिंह का कहना है कि एक परिवार को चार हजार वर्ग मीटर तक अनुदान दिया जा सकता है।

सबकुछ नियमानुसार : अमृता
कैबिनेट मंत्री अमृता रावत का कहना है कि मंत्री या सांसद होने का मतलब यह तो नहीं कि खेतीबाड़ी करना ही छोड़ दें। पॉलीहाउस के लिए जो सब्सिडी ली गई है उसकी बैलेंस राशि का भुगतान विभाग को महीना भर पहले चेक से कर दिया गया था।

जो कुछ भी किया है नियमानुसार किया है। यदि कहीं कानूनी तौर पर गलत है तो मुझे बताया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने भी आरोप लगाया है। उन्हें सदन में किसी पर आरोप लगाने से पहले आरोप की गंभीरता से नाप तौल कर लेनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed