अमर उजाला वीरता पुरस्कार: राज्यपाल ने भरा जोश, कहा- अपना राष्ट्र है, साकार करें सपने, देखें तस्वीरें
अमर उजाला और सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी की ओर से आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों, पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया।
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राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा, जिंदगी में सपने देखना बहुत जरूरी है। सपने देखने पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। अब देश में मुगल नहीं हैं, अंग्रेज भी नहीं हैं। अपना राष्ट्र है और खुला आसमान। बड़े सपने देखिए और उन्हें साकार करने में जुट जाइए। वह अमर उजाला वीरता पुरस्कार समारोह में युवाओं को संबोधित कर रहे थे।
शुक्रवार को अमर उजाला और सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी की ओर से आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों, पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा। बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने युवाओं से संवाद कर देशसेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कहा, उत्तराखंड में सबसे बड़ी क्रांति बेटियां और युवा ही लेकर आने वाले हैं।
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आने वाले समय में इन युवाओं की मेधा से ही हम फिर से विश्व गुरु बनेंगे। बतौर कुलाधिपति वह जहां कहीं भी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में जाते हैं, 70 फीसदी अवार्ड बेटियां ही जीत रही हैं। अच्छा काम करने वालों की पीठ थपथपानी चाहिए। सम्मान पाने से जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
वीर नारी कभी विधवा नहीं होती
राज्यपाल ने कहा, सेना की नौकरी ही एक ऐसा प्रोफेशन है, जहां हम अपने लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए काम करते हैं। सैनिक अपना शरीर, समय, प्राथमिकताएं सब कुछ राष्ट्र के लिए बलिदान करता है। युद्ध में पति की शहादत के बाद वीर नारी कभी विधवा नहीं होती। शहीदों के सम्मान की पहल को सराहते हुए उन्होंने कहा, जिस राष्ट्र में वीरता को पूजा और सराहा जाता है, उसे कोई हरा नहीं सकता।
उत्तराखंड पुलिस जैसा कोई नहीं
राज्यपाल ने कहा, पुलिस को उन्होंने बहुत करीब से देखा है। कई राज्यों की पुलिसिंग देखी है लेकिन उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली अलग है। चारधाम और कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के हुजूम को उत्तराखंड पुलिस जिस कार्यकुशलता से नियंत्रित करती है वह काबिले तारीफ है। बताया कि उत्तराखंड पुलिस को सशक्त बनाने के लिए उन्होंने गृहमंत्री से अनुरोध किया है। इस पर सरकार की ओर से जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
उत्तराखंड का हर सैन्यकर्मी गर्व से कर रहा देश की रक्षा : गणेश जोशी
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा, उत्तराखंड वीरों की धरती है। सेना में अधिकारी के रूप में हो या जवान के रूप में हो, यहां का हर सैन्यकर्मी गर्व से देश की रक्षा करता है। देश की सेना में हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड से होता है। राज्य और केंद्र की सरकार उत्तराखंड के वीरों के शौर्य का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने प्रोत्साहित करते हुए कहा, पुलिस के प्रति आम धारणा सही नहीं है। पुलिस का भी सम्मान हो, सेना के जवान का भी सम्मान हो। अगर हम सुरक्षित हैं तो वह पुलिस और सेना के कारण ही।
संवेदनशील मुद्दों पर है उत्तराखंड पुलिस का फोकस : डीजीपी
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा, उत्तराखंड पुलिस प्रधानमंत्री के विजन स्मार्ट पुलिसिंग पर काम कर रही है। 2000 से अधिक माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। नौकरी, किटी पार्टी, साइबर क्राइम आदि के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। हमारा फोकस शुरू से संवेदनशील पुलिसिंग पर है। इसलिए हमने ऑपरेशन मुक्ति शुरू किया। इसमें 3000 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाई गई। उत्तराखंड पुलिस ने नारा दिया है... भिक्षा नहीं शिक्षा। अपराध को रोका नहीं जा सकता लेकिन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हमारी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के मुख्य सहयोगी
सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बलूनी क्लासेस समेत दून बन कांप्लेक्स पेंटा रियलटोर प्रा.लि., जेबीआईटी और हाइप।
ये भी सम्मानित
सेंचुरियन डिफेंस अकादमी के चेयरमैन शिशिर दीक्षित, हिमालयन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन अजय जसोला, बलूनी क्लासेस से गौरव मैठानी।
50 बच्चों को निशुल्क कोचिंग देगा सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी
सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी के निदेशक शिशिर दीक्षित ने कार्यक्रम में घोषणा की कि सेना की तैयारी के लिए शहीदों के 50 बच्चों को मेरिट के आधार पर निशुल्क कोचिंग कराई जाएगी।