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मनमाने ढंग से बांट दिए गए ऑल इंडिया हथियार लाइसेंस
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 09 Dec 2016 09:31 AM IST
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हथियार
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केवल पांच श्रेणी के लिए देश भर की वैधता वाले हथियार लाइसेंस जारी करने के अधिकार की आड़ में उत्तराखंड के कई जिलाधिकारियों ने सामान्य श्रेणी के लोगों को लाइसेंस (देश भर में वैध) जारी कर दिए। राज्य के गृह विभाग को खबर मिली है कि प्रदेश में ऐसे करीब एक हजार ऐसे लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
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बीती 15 जुलाई 2016 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयुध अधिनियम-2016 की अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें असलहा लाइसेंस जारी किए जाने संबंधी तमाम नियम-शर्तों में संशोधन किया गया था। इसके मुताबिक जिलाधिकारी के स्तर से केवल पांच श्रेणी में शामिल लोगों को ही ऑल इंडिया लाइसेंस देने का अधिकार मिला है।
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आयुध अधिनियम-2016 के बाबत राज्य के गृह विभाग ने तीन पेज का एक शासनादेश 23 सितंबर को जारी किया। इस शासनादेश में इन संशोधनों के बाबत स्पष्ट तौर पर दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए। यह लिखा दिया गया कि अधिनियम की प्रति भारत सरकार के गृह मंत्रालय की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
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शासनादेश स्पष्ट था नहीं और वेबसाइट पर मौजूद 279 पेज की इस अधिसूचना को देखने की फुर्सत राज्य के गृह विभाग में तैनात अफसरों और जिलाधिकारियों को शायद नहीं मिली। नतीजा यह हुआ कि इस अधिसूचना के नियमों का गलत तरीके से प्रचार-प्रसार शुरू हो गया।
कही-सुनी बात पर यह मान लिया गया कि ऑल इंडिया असलहा लाइसेंस अब जिलाधिकारी के स्तर से जारी किया जा सकता है। फिर धड़ल्ले से लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया आरंभ हो गई। सचिवालय स्थित गृह विभाग के अफसरों को जब यह पता चला तो उन्होंने पड़ताल की। इसमें सामने आया कि प्रदेश के तमाम जिलों से करीब एक हजार लाइसेंस इस प्रकार से जारी किए जा चुके हैं।
डीएम को इन पांच श्रेणियों के लिए मिला है अधिकार
संघ के मंत्री या संसद सदस्य, रक्षा बलों या केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबलों के कर्मचारी, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के अलावा सरकार या सरकारी सेक्टर के उपक्रम या पब्लिक सेक्टर के ऐसे अधिकारी जिन पर भारत में कहीं भी सेवा का दायित्व है, शामिल हैं। इसके अलावा समर्पित खेल व्यक्ति या आयुध अधिनियम के नियम-40 में क्रम संख्या एक से चार तक निर्दिष्ट खेल व्यक्ति को भी भारत भर में वैध असलहा लाइसेंस जिलाधिकारी के स्तर से जारी किया जा सकता है।
डीएम को ऑल इंडिया लाइसेंस को रिन्यू करने का अधिकार दिया गया है, जो पूर्व में नहीं था। इसके अलावा पांच अन्य श्रेणी के लोगों को भारत भर के लिए वैध असलहा लाइसेंस देने का अधिकार जिलाधिकारियों को मिला है। तीन राज्यों के लिए असलहा लाइसेंस देने का अधिकार अभी तक शासन के पास था, जो अब देश भर में लाइसेंस देने के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा देश भर के लिए वैध गैर प्रतिबंधित बोर के असलहा लाइसेंस जिनका रिन्यूअल का कार्य भी केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर पर होता था, जिसका निस्तारण भी अब जिलाधिकारियों के स्तर पर होगा। नए नियमों के बावजूद आम व्यक्तियों के मामले में जिलाधिकारी को केवल राज्य भर के लिए लाइसेंस देने का ही अधिकार है।
- रविनाथ रामन, जिलाधिकारी (देहरादून)