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Kedarnath: धाम में दो दशक बाद भी स्थापित नहीं हो सका एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम, सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

Sat, 25 May 2024 04:00 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 25 May 2024 04:00 PM IST
सार

केदारनाथ क्षेत्र में 14 वर्ष में 10 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में 30 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस दौरान जहां सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर सहित पांच हेलिकॉप्टर क्रैश हुए हैं। वहीं, अन्य में तकनीकी खामियां आई हैं।

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Air traffic control room ATC could not be established in Kedarnath even after two decades helicopter accident
केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

तीन तरफ से पर्वत शृंखलाओं से घिरे और चौथी तरफ संकरी गहरी घाटी वाले केदारनाथ क्षेत्र में हवा की दिशा और दबाव की सही जानकारी नहीं मिलती है। बावजूद इसके यहां हेलिकॉप्टर अंधाधुंध उड़ान भर रहे हैं। धाम में दो दशक बाद भी हवाई सेवा की सुरक्षा के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित नहीं किया गया है।

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केदारनाथ में प्रतिवर्ष यात्राकाल में संचालित होती आ रही है। यह सेवा उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट ऑथारिटी (यूकाडा) और डायरेक्टोरल जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीएसी) की देखरेख में संचालित की जा रही है। लेकिन दोनों संस्थाएं भी हेलिकॉप्टर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आंख मूंदे हुए हैं।

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स्थिति यह है कि, केदारनाथ यात्रा में हेलिपैड की चेकिंग डीजीसीए के लिए खानापूर्ति बनकर रह गई है। हेलिपैड पर यात्री सुविधा और सुरक्षा के क्या-क्या प्राथमिक इंतजाम हैं, संस्था को इससे कोई लेनादेना नहीं होता है।

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झंडियों के भरोसे करते हैं टेकऑफ और लैंडिंग

विषम परिस्थितियों वाले केदारनाथ धाम में जहां एमआई-26 और एमआई-17 हेलिपैड मौजूद हैं, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम स्थापित नहीं है। जिस कारण, हेलिकॉप्टर की उड़ान के दौरान पायलट को हवा के दबाव और तापमान की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। हवा की दिशा की जानने के लिए हेली कंपनी प्रबंधन द्वारा केदारनाथ व केदारघाटी के हेलिपैड पर झंडियां लगाई गईं हैं, जिससे हवा की अनुमानित दिशा के हिसाब से हेलिकॉप्टर टेकऑफ व लैंडिंग करते हैं। केदारघाटी से केदारनाथ जब हल्की बारिश में कोहरा छाने लगता है, तब हेलिकॉप्टर की उड़ान को लेकर संयश बना रहता है। लेकिन, शासन, प्रशासन, यूकाडा और डीजीसीए इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

पत्र का जवाब तक नहीं देता यूकाडा

सूत्रों के मुताबिक केदारनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर की उड़ान को लेकर जिला प्रशासन ने यूकाडा को कई पत्र भेजे हैं, लेकिन इनका जवाब नहीं मिलता। बीते वर्षों में जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों ने स्वयं भी इस बात को स्वीकार किया है कि यूकाडा और डीजीसीए हेलिकॉप्टर सेवा को लेकर किसी की नहीं सुनता है। स्थिति इस कदर है कि, वर्ष 2019 में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग द्वारा केदारनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर की नीची उड़ान को लेकर संबंधित कंपनियों को 32 नोटिस जारी कि थे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला।

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केदारनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर सेवा के बेहतर और सुरक्षित संचालन के लिए यूकाडा व डीजीसीए को जिला प्रशासन के माध्यम से पत्र भेजा गया है। साथ ही हेली कंपनियों को उड़ान का समय और निश्चित शटल को लेकर भी निर्देशित किया गया है। - राहुल चौबे, नोडल अधिकारी हेलिकॉप्टर सेवा केदारनाथ व जिला पर्यटन अधिकारी रुद्रप्रयाग

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