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Uttarakhand: भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन में नौ सड़कों के प्रस्ताव पर सहमति, तीन निर्माणाधीन पर फिर से विचार

Sat, 22 Jun 2024 03:34 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 22 Jun 2024 03:34 PM IST
सार

भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन में नौ सड़कों के प्रस्ताव पर सहमति बनी। पांच जल विद्युत परियोजनाओं पर चर्चा हुई जबकि तीन निर्माणाधीन पर फिर से विचार हुआ।

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Agreement on the proposal of nine roads in Bhagirathi Eco Sensitive Zone Uttarakhand news in hindi
बैठक लेती मुख्य सचिव राधा रतूड़ी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

उत्तरकाशी जिले के भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन पर शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में नौ सड़कों के प्रस्ताव पर सहमति बनी। सड़कों की डीपीआर में जरूरी प्रावधान शामिल किए जाएंगे और जीएसआई जैसे संगठन से भी परीक्षण कराया जाएगा।

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बैठक में जोन क्षेत्र में प्रस्तावित पांच लघु जल विद्युत परियोजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। दो मेगावाट क्षमता वाली दो नई परियोजनाओं पर आगे की कार्यवाही करने व तीन निर्माणाधीन परियोजनाओं पर फिर से विचार करने पर सहमति बनी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा, इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन कायम रखते हुए भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत तय पर्यावरणीय मानकों के अनुसार निर्माण कार्य किए जाएं।

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यदि उनमें मानकों की अवहेलना होती है तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कहा, ईको सेंसेटिव जोन के भीतर सड़कों के निर्माण में तय पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए डीपीआर में स्पष्ट प्रावधान किए जाएं। कहा, समिति के सदस्यों को प्रस्तावित परियोजना स्थलों का निरीक्षण भी करवाया जाए। कहा, मॉनिटरिंग समिति का मुख्य कार्य जोन के लिए तय नियमों व मानकों के अनुपालन पर नजर रखना है।

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पर्यावरण और आजीविका दोनों का ध्यान रखना होगा

डीएम उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया, भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन के दायरे में सदियों से स्थित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास से जुड़ी परियोजनाओं का क्रियान्वयन जरूरी है। कहा, तीर्थ यात्रा व पर्यटन इस क्षेत्र की आजीविका का मुख्य जरिया है। हर साल लाखों की संख्या में तीर्थयात्री व पर्यटक इस क्षेत्र में आते हैं। लिहाजा पर्यावरण से संबंधित मानकों व अन्य सभी तय नियमों का अनुपालन करते हुए इस क्षेत्र में सुविधाओं का विकास करने के साथ होम-स्टे, होटल आदि से जुड़े कार्यों को अनुमति दिया जाना जरूरी है।

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गंगोत्री धाम से गंगा जल भरने के प्रस्ताव पर चर्चा

बैठक में डाक विभाग की गंगोत्री धाम से गंगा जल भरने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। साथ ही सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत प्रस्तावित दो होटल इकाइयों और जेडएलआर एक्ट की धारा 143 के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन के मामले भी विचार हेतु प्रस्तुत किए गए। भागीरथी घाटी में उत्तरकाशी से लेकर गंगोत्री तक लगभग 100 किमी लंबाई और लगभग चार हजार वर्ग किमी के क्षेत्र में भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन घोषित है, जिसके दायरे में 88 गांव आते हैं।

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