Uttarakhand Cabinet: महानगरों मे परिवहन प्राधिकरण, महिलाओं को आरक्षण, कर्मचारियों को सौगात, जानें अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में आवास विभाग के विभिन्न प्राधिकरण में मिनिस्टीरियल कार्मिक की नियमावली को मंजूरी मिली।
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लोकसभा चुनाव के बाद धामी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले हुए। कैबिनेट ने जहां बैंकों के साथ एमओयू करने की मंजूरी देकर उन्हें सैलरी एकाउंट पर मिलने वाले पैकेज की राह खोल दी है, वहीं सहकारी समितियों की प्रबंध समितियों में अध्यक्ष व सदस्यों के 33 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए हैं।
महिलाओं को सहकारी प्रबंधन समिति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य हो गया है। शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए भी कैबिनेट ने एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण बनाने का फैसला किया है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दे दी है।
पहले चरण में प्रदेश के तीन शहर देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार में प्राधिकरण के तहत परिवहन विकास, संचालन, रखरखाव, निगरानी व पर्यवेक्षण का कार्य होंगे। शहरों की परिवहन व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सड़क, बिजली, पानी व अन्य प्रत्येक परियोजना के लिए संबंधित विभागों को प्राधिकरण की अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।
राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सचिव मंत्रिपरिषद शैलेश बगौली ने फैसलों की जानकारी दी।
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कर्मियों को बैंकों से मिलेगा कॉरपोरेट सैलरी एकाउंट पैकेज
कैबिनेट ने निदेशक कोषागार को बैंकों के साथ एमओयू करने के लिए नोडल अधिकारी बना दिया है। पहले चरण में उनका स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व केनरा बैंक के साथ एमओयू होगा। इन बैंकों में करीब 65 हजार कर्मियों के खाते हैं। शेष कर्मचारियों के लिए भी इन बैंकों में खाते खोलने का विकल्प है। जिन बैंकों में उनके खाते हैं, वे भी सरकार के साथ एमओयू कर सकते हैं। इससे करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को सैलरी एकाउंट पर बैंक पैकेज की सुविधा मिलेगी। इसके तहत दुर्घटना में मृत्यु पर 30 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक का बीमा लाभ, दिव्यांगता पर 40 लाख से एक करोड़ रुपये और सामान्य मृत्यु पर एक लाख से छह लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा। वे एजुकेशन लोन भी ले सकेंगे। इन सारी सुविधाओं के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा।
सहकारी प्रबंधन समितियों की कमान महिलाओं को
प्रदेश में पहली बार सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत सहकारी प्रबंधन समितियों की कमान महिलाओं के हाथों में होगी। कैबिनेट ने सहकारी प्रबंधन समितियों में सभापति और सदस्यों के 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए हैं। बैठक में उत्तराखंड सहकारी समिति (संशोधन) नियमावली में संशोधन प्रस्ताव मंजूरी मिली। प्रदेश में करीब 670 बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां हैं और हजारों की संख्या में सहकारी समितियां हैं। वर्तमान में प्रबंधन समितियों में महिलाओं के लिए एक या दो ही पद हैं।
वित्त, सचिवालय व पीसीएस अफसरों के प्रशिक्षण कोर्स मंजूर
वित्त सेवा के सीधी भर्ती के तहत चयनित, सचिवालय सेवा और पीसीएस अधिकारियों के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम व पदोन्नति के बाद प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को मंजूरी दे दी है। राज्य कर्मचारियों का कौशल विकास, ज्ञान और क्षमताओं के साथ नई प्रौद्योगिकी और कानूनी प्रावधानों की समझ विकसित करने के लिए ये पाठ्यक्रम व प्रशिक्षण होंगे।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- बिजली सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए विभागीय ढांचे में 89 नए पदों को दी मंजूरी।
- अब 65 साल में रिटायर्ड होंगे विशेषज्ञ चिकित्सक, सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
- महासू देवता मास्टर प्लान के लिए विस्थापन नीति पर लगी मुहर।
- कई आवास प्राधिकरणों में मिनिस्टीरियल वर्गीय संवर्ग में केंद्रीयत एवं अकेंद्रीयत सेवा पर कार्मिक विभाग की नियमावलियां लागू होंगी।
- पर्यटन नीति, 2018 में संशोधन के तहत श्रेणी एक, बी+ व बी+ में एसजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का 5 वर्ष बाद 90, 75 एवं 75 प्रतिशत प्रतिपूर्ति भी अगले पांच वर्ष तक होगी।
- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में खाद्य पदार्थों के परीक्षण के लिए मोबाइल इकाइयां फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के संचालन के लिए आठ आउटसोर्स पदों को मंजूरी।
- राज्य में फूड सेफ्टी इकोसिस्टम को मजबूती के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला रुद्रपुर में 13 पदों को मंजूरी।
- पारिवारिक न्यायालयों के मामलों में क्षेत्रीय सम्मेलन के खर्च के भुगतान के प्रस्ताव पर मुहर लगी।