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उत्तराखंड: अफगानिस्तान में फंसे उत्तराखंड के 110 लोगों की पहली सूची सरकार ने केंद्र को भेजी, हेल्पलाइन नंबर जारी

Thu, 19 Aug 2021 10:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 19 Aug 2021 10:52 PM IST
सार

अफगानिस्तान में फंसे उत्तराखंड के लोगों की सकुशल वापसी के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एनएसए अजीत डोभाल से बात की। बकौल सीएम, एनएएस डोभाल जी ने आश्वस्त किया है कि अफगानिस्तान से उत्तराखंड के एक-एक आदमी को वापस लाया जाएगा।

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Afghanistan Crisis: Uttarakhand Government send First list of 110 people center and Helpline Number Released
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : एएनआई

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने अफगानिस्तान में फंसे लोगों की पहली सूची विदेश मंत्रालय को भेजी है। इस संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) से वार्ता हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी दी।

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विधानसभा में मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार काबुल में फंसे एक-एक नागरिक को उत्तराखंड लाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार से लगातार संपर्क बना हुआ है। अपर मुख्य सचिव गृह आनंद बर्द्धन ने बताया कि अब तक प्राप्त हुई सूचनाओं के आधार पर 110 लोगों की सूची केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय को भेजी गई है।
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उधर, भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने काबुल व कंधार में रह रहे उत्तराखंड निवासियों की तत्काल सकुशल स्वदेश वापसी के लिए विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी से भेंट की। गौतम के मुताबिक, अफगानिस्तान में रह रहे लोगों के परिजन चिंतित हैं। विदेश राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अफगानिस्तान में रह रहे सभी लोग सुरक्षित हैं और भारत सरकार के संपर्क में है।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्थिति पर पूरी नजर है और लोगों की सकुशल वापसी के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। रेस्क्यू में लगी एजेंसी भी अफगानिस्तान में वहां की एजेंसियों के संपर्क में है। गौतम ने कहा कि आज वह व्यक्ति कहा हैं जो सीएए का विरोध कर रहे थे। जिन्होंने कभी भी हिंदुस्तानियों के बारे में अच्छा सोचा ही नहीं।

अफगानिस्तान में फंसे लोगों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी 

अफगानिस्तान में काम कर रहे (फंसे) लोगों के परिजनों के लिए जिला पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर कॉल कर उनके परिजन पूरी जानकारी दे सकते हैं। इस जानकारी को शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा ताकि उन्हें जल्द लाया जा सके। 

बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफगानिस्तान में रह रहे उत्तराखंड वासियों को वापस लाने का वादा किया था। इसी क्रम में देहरादून पुलिस ने उनके परिजनों के लिए नंबर जारी किए हैं। इनमें एक इमरजेंसी डॉयल 112 और दूसरा स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) का नंबर 0135-2710108 है। इन नंबरों पर कॉल कर वह अपने परिजन का नाम, पता और अफगानिस्तान में किस जगह काम करता है यह सब डिटेल देनी होगी। 

चूंकि, सभी नागरिकों को केंद्र सरकार के माध्यम से ही लाया जा सकता है। ऐसे में इन सभी की जानकारी को पहले शासन को भेजा जा रहा है। इसके बाद विदेश मंत्रालय को सूची भेजी जाएगी। केवल देहरादून से ही अफगानिस्तान के विभिन्न शहरों में 300 से ज्यादा लोग रहते हैं। वहां पर ज्यादातर पूर्व फौजी हैं। यह सब संस्थाओं में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं। 

पहले दिन शाम तक 112 पर किया 12 ने संपर्क
पुलिस मुख्यालय ने डायल 112 को हेल्पलाइन के तौर पर पूरे प्रदेश के लिए जारी किया है। इस पर पूरे प्रदेश से वह लोग संपर्क कर सकते हैं जिनके परिजन अफगानिस्तान में कार्यरत हैं। बृहस्पतिवार शाम तक कुल 12 लोगों ने इस पर संपर्क किया है। उन्होंने नाम पते आदि सब नोट कराया है।

अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण: सुरेखा 

भारत-तिब्बत समन्वय संघ ने अफगानिस्तान में हाल ही में घटे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे भारत के लिए खतरा बताया है। दून विश्वविद्यालय में आयोजित समन्वय संघ की बैठक में केन्द्रीय परामर्शी समिति की वरिष्ठ सदस्य एवं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि किसी भी बाहरी देशों का इस मसले में वक्तव्य न आना मानवता को शर्मसार करने वाला है। 

बैठक में दून विश्वविद्यालय की कुलपति ने कहा कि ने कहा कि अफगानिस्तान में जो कुछ हो रहा है अगले कुछ वर्षों में इसके भयंकर परिणाम विश्व समुदाय को देखने को मिल सकते हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए हमें मिलजुलकर भारतीयता के लिए कार्य करने की  दिशा में आगे बढ़ते हुए, स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देना होगा। स्थानीय स्तर पर इसकी ब्रांडिंग की भी आवश्यकता है। 

 पूर्व कुलपति एवं परामर्शी समिति के सदस्य प्रोफेसर प्रयाग दत्त जुयाल ने बताया कि उत्तराखंड के शहीदों  व वीर पुरुषों के इतिहास को शिक्षा में शामिल करने के लिए संगठन जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगा। प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र चौहान ने बताया कि राज्यभर में आगामी दिनों में तिब्बती मूल के लोगों को संगठन से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।  

उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर को चाइना से मुक्त करवाने में तिब्बती मूल के लोगों का अपेक्षित सहयोग मिल रहा है,इसे एक मूवमेंट की तरह लोगों के बीच ले जाने के लिए भारत तिब्बत समन्वय संघ संकल्पबद्ध है।  बैठक में प्रोफेसर विजय कॉल, प्रोफेसर एच सी पुरोहित, डॉ राजेश भट्ट,  क्षेत्र संगठन मंत्री मोहन भट्ट, प्रान्त संरक्षक श्याम सुंदर वैश्य,  उमेश कन्नौजिया,कर्नल हरिराज सिंह राणा आदि ने विचार रखे।

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