एसिड अटैक पीड़िता को मुख्य धारा में लाएगा वन स्टॉप सेंटर, डायल 181 में मिलेगी नौकरी
उत्तराखंड में वन स्टॉप सेंटर एक एसिड अटैक पीड़िता को मुख्य धारा में लाया है। यहां एक पीड़िता को कॉल सेंटर (डायल 181) में नौकरी दी है। सेंटर में नौकरी पाने वाली इस पीड़िता को पहले किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया था।
एसिड अटैक पीड़िता देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र की रहने वाली है। उसकी शादी सहारनपुर में हुई थी। वर्ष 2007 में उस पर ससुराल वालों ने एसिड फेंक दिया था। जिससे उसका चेहरा झुलस गया।
लंबे इलाज के बाद वह बच पाई। उसके बाद से सरकारें लगातार मुआवजा और पीड़िताओं को मुख्य धारा में लाने का दावा कर रहीं थी। लेकिन, इसका लाभ इसे नहीं मिला।जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़िता को पिछले सप्ताह नौकरी दी है।
बेटे को लेने के लिए दबाव बना रहे सुसराल वाले
उसे डायल 181 में नियुक्त दी है। फिलहाल, उसकी ट्रेनिंग चल रही है। इधर, हरीश रावत सरकार में कई एसिड अटैक पीड़िताओं को मुआवजा देने की घोषणा की थी। इनमें से कई को मुआवजा मिला लेकिन इसे नहीं मिला।
कॉल सेंटर में नौकरी पाने वाली इस महिला को एक बेटा भी है। घटना के बाद वह देहरादून अपने मायके में रह रही है। ससुराल वाले तब से अब तक उसे किसी न किसी तरह परेशान करते आ रहे थे। अब उसके बेटे को लेने के लिए दबाव बना रहे हैं।