आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सचिवालय कूच, पुलिस से भिड़ंत
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उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के सदस्यों ने राज्य कर्मचारी घोषित करने सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें सचिवालय से पहले ही रोक लिया। यहां हुई धक्का मुक्की में कुछ कार्यकत्रियां घायल हो गईं।
लंबित मांगों को लेकर संगठन से जुड़ी कार्यकत्रियां प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार पर हैं। कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें सुभाष रोड पर ही रोक लिया। इससे नाराज कार्यकत्रियां सड़क के बीचों बीच वहीं धरने पर बैठ गईं।
उन्होंने कहा कि सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है। उनका न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए। वहीं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पूर्ण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के समान ही मानदेय दिया जाए।
ये हैं संगठन की प्रमुख मांगें
संगठन की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री ने कहा कि कार्यकत्रियों को शासन की ओर से वार्ता के लिए बुलाया गया है। प्रदर्शनकारियों में गीता गोस्वामी, नीना तोमर, शशि भाकुनी, लक्ष्मी रावत, भूमा जोशी, बीरो देवी, परमजीत कौर आदि शामिल रहीं।
कुछ प्रमुख मांगें
- संगठन के साथ पूर्व में हुए समझौतों पर अमल किया जाए
- मुख्य सेविका के पद पर रुके पदों पर प्रमोशन दिया जाए
- आयु सीमा 40 वर्ष की बाध्यता को समाप्त किया जाए