आधार कार्ड में एक शब्द की गलती से 'नर्क' जैसी बनी 67 साल के बुजुर्ग की जिंदगी और फिर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आधार कार्ड में एक शब्द की गलती से 67 साल के बुरजुर्ग की जिंदगी नर्क से भी बद्त्तर हो गई। फिर कुछ ऐसा हुआ कि उसकी सारी परेशानी दूर हो गई।
दरसल 67 वर्षीय धरीराम का नाम उसके दस्तावेजों में गलती से धनीराम हो गया था। इससे उसे वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल पा रही थी। इससे उनकी गुजर बसर नहीं हो पा रही थी। यहां तक कि खाने पीने और इलाज के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे।
फिर एक दिन अचानक माननीय मुख्यमंत्री जी के मोबाइल एप पर 5 फरवरी 2017 को प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कार्यवाही ने चंपावत जिले के पाटी ब्लाक के गड्यूडा निवासी धनीराम की किस्मत बदल दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय देहरादून को CM उत्तराखण्ड मोबाइल एप पर यह समस्या प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने चम्पावत के एसपी धीरेन्द्र गुंज्याल को धरीराम का पता लगवाकर उनसे संपर्क करने को कहा।
एसपी चंपावत ने धरीराम के गांव गड्यूडा में पुलिसकर्मी भेजकर व उनका पता लगवाकर धरीराम की व उनके पुत्र रमेश की मुख्यमंत्री कार्यालय से बात करवायी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से धरीराम की पेंशन दुबारा शुरू हो गई है। धरीराम आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ बहुत बीमार भी था। परिवार में कमाऊ सदस्य नहीं होने से वह न तो अपना इलाज करा पा रहा था। और नहीं परिवार की गुजर बसर हो रही थी। धरीराम का नाम उसके दस्तावेजों में आधार सेंटर की गलती से धनीराम हो गया था।
जिससे कारण उसे न तो पेंशन मिल रही थी और नहीं अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा था। एसपी ने समस्या को अति गंभीर देखते प्रशाशन से संपर्क कर तत्काल दस्तावेजों में सुधार करवाने की प्रक्रिया शुरू करवाने का अनुरोध किया। धरीराम की रुकी पेंशन भी शुरू हो चुकी है। एसपी ने बाकायदा पुलिस कर्मी गांव भेज धनीराम को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भर्ती करवाया। साथ ही सीएमओ को भी इस मामले में सहयोग की अपील की।