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Dehradun: पिटकुल एमडी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज, जालसाजी का लगा आरोप, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 25 Jan 2024 06:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Thu, 25 Jan 2024 06:21 PM IST
सार

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल चंद्र बलूनी ने प्रकाश चंद्र ध्यानी व अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की थी।

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Dehradun news Complaint filed in court against Ptcul MD allegation of forgery
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जालसाजी के आरोप में पिटकुल के एमडी प्रकाश चंद ध्यानी के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम उर्वशी रावत की कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता ने ध्यानी पर यह आरोप लगाते हुए कोर्ट को शिकायत की थी कि उन्होंने दस्तावेज में फर्जीवाड़ा कर पदोन्नति पाई है। न्यायालय ने इस मामले में पुलिस से भी रिपोर्ट मंगाई लेकिन बाद में इसे परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है। अब अगली सुनवाई 04 मार्च, 2024 को होगी।

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आरटीआई कार्यकर्ता अनिल चंद्र बलूनी ने प्रकाश चंद्र ध्यानी व अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की थी। बलूनी के अनुसार विभाग में पदोन्नति उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद की नियमावली के आधार पर होती हैं। अपनी पदोन्नति के लिए ध्यानी ने 26 नवंबर 1993 के परिषद के कार्यालय ज्ञाप में जालसाजी की।
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परिषद ने उस वक्त नियमानुसार पदोन्नतियां की थीं। लेकिन, ध्यानी ने अपने पदनामों के स्थान पर हाथ से अनुसचिव के साथ प्रबंधक मानव संसाधन और पदनाम उपसचिव के साथ हाथ से ही वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन लिख दिया। इसके बाद जब पिटकुल में एमडी के पद पर पदोन्नति की बारी आई तो इस जालसाजी किए हुए दस्तावेज के आधार पर वह एमडी बन गए।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल चंद बलूनी ने आरटीआई में यह दस्तावेज हासिल कर लिया और इसकी शिकायत वसंत विहार पुलिस को की। लेकिन, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने एसएसपी कार्यालय में भी इसकी शिकायत की। वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने वसंत विहार थाने से इस संबंध में रिपोर्ट मंगाई तो पता चला कि वहां पर ऐसा कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। अधिवक्ता सुनील सिंह राघव ने बताया कि न्यायालय ने इस शिकायत के आधार पर कोर्ट में परिवाद दर्ज कर लिया है।

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