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अतिथि शिक्षकों ने दिया सरकार को अल्टीमेटम
Updated Wed, 13 Jun 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
पुनर्नियुक्ति पर फैसला न होने से नाराज माध्यमिक अतिथि शिक्षकों ने उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने बुधवार तक निर्णय न लिए जाने पर सड़कों पर उतरने का एलान किया है।
सोमवार देर शाम माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ की बैठक कालूमल धर्मशाला में आयोजित हुई। प्रदेश अध्यक्ष विवेक यादव ने कहा कि लंबे समय से उनकी पुनर्नियुक्ति का मामला लंबित पड़ा हुआ है। शिक्षा मंत्री ने उन्हें जल्द ही कोई रास्ता निकालने का आश्वासन दिया है लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। 31 मार्च से अतिथि शिक्षक सेवा से बाहर हैं। वह इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से भी गुहार लगा चुके हैं। अब तक कुछ नहीं होने से अतिथि शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार 13 जून तक उनके पक्ष में कोई फैसला नहीं लिया गया तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम विद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। अतिथि शिक्षक कठिन हालातों में सेवाएं देकर बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। बैठक में पंकज, अभिषेक, अनिता बौड़ाई, महावीर चौहान, विपिन सकलानी, प्रवीण ठाकुर, सविता लखेड़ा, रूपाली, भुवन ठाकुर, हरीश थपलियाल समेत अन्य शामिल रहे।
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पुनर्नियुक्ति पर फैसला न होने से नाराज माध्यमिक अतिथि शिक्षकों ने उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने बुधवार तक निर्णय न लिए जाने पर सड़कों पर उतरने का एलान किया है।
सोमवार देर शाम माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ की बैठक कालूमल धर्मशाला में आयोजित हुई। प्रदेश अध्यक्ष विवेक यादव ने कहा कि लंबे समय से उनकी पुनर्नियुक्ति का मामला लंबित पड़ा हुआ है। शिक्षा मंत्री ने उन्हें जल्द ही कोई रास्ता निकालने का आश्वासन दिया है लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। 31 मार्च से अतिथि शिक्षक सेवा से बाहर हैं। वह इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से भी गुहार लगा चुके हैं। अब तक कुछ नहीं होने से अतिथि शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार 13 जून तक उनके पक्ष में कोई फैसला नहीं लिया गया तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम विद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। अतिथि शिक्षक कठिन हालातों में सेवाएं देकर बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। बैठक में पंकज, अभिषेक, अनिता बौड़ाई, महावीर चौहान, विपिन सकलानी, प्रवीण ठाकुर, सविता लखेड़ा, रूपाली, भुवन ठाकुर, हरीश थपलियाल समेत अन्य शामिल रहे।
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