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विशेषज्ञों ने बताए उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके
Updated Fri, 04 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि विषय पर एफआरआई में चल रहे तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को उत्पादन बढ़ाने, 2022 तक आय दोगुनी करने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने कृषि व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षित युवाओं को प्रोत्साहित करने की बात कही।
जलागम प्रबंध विभाग और वन अनुसंधान संस्थान देहरादून की ओर से जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि विषय पर एफआरआई में तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन के दूसरे दिन डॉ. सुधींद्र शर्मा ने 2022 तक दोगुनी करने के लिए किसानों को उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने, बाजार में उचित मूल्य प्राप्त करने को लेकर सुझाव दिए। डॉ. सुहास वानी ने किसानों को व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने के साथ बाजार की जानकारी, उत्पाद की आवश्यकता, बाजार भाव आदि के संबंध में जानकारी दी। उन्होंन कहा कि उत्पाद की गुणवत्ता एवं भंडारण की सुविधाएं उपलब्ध हों और निजी संस्थाओं का सहयोग मिले तो किसानों की आय जरूर दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कृषि व्यवसाय विकसित करने के लिए शिक्षित युवाओं के प्रोत्साहन की बात कही। डॉ. बीएम पांडेय ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के अनुसार बीज उत्पादन तथा कृषि यांत्रिकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. वाईपीएस दबास ने अनुसंधानों और स्थानीय जरूरत के अनुसार किसानों से फसल व बीज, उर्वरक, सिंचाई की आवश्यकता आदि अपनाने की बात कही। इसके अलावा बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में अनार, अखरोट, कीवी, बेमौसमी सब्जी उत्पादन तथा औषधीय एवं सगंध पौध की खेती अपनाने का सुझाव दिया। भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रो. रवींद्रनाथ ने कहा कि यदि समय पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इससे पर्वतीय कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके लिए जनपद स्तर पर योजना तैयार करनी होगी। इसके अलावा यूकास्ट के महानिदेशक डॉ. डोभाल तथा मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शर्मा ने जल प्रबंधन, नमी संग्रहण क्षेत्र विस्तार तथा कृषि भूमि के उपयोग पर सुझाव दिए। सम्मेलन के दौरान पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें रसायन विभाग एफआरआई के मधुसूधन चमोली, जलागम प्रबंधन निदेशालय के डॉ. एसके सिंह, डॉ. डीएस रावत, डॉ. डीएस रावत, हार्क की मीनाक्षी गर्ग अपने ग्रुप व थीम में अव्वल रहे।
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जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि विषय पर एफआरआई में चल रहे तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को उत्पादन बढ़ाने, 2022 तक आय दोगुनी करने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने कृषि व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षित युवाओं को प्रोत्साहित करने की बात कही।
जलागम प्रबंध विभाग और वन अनुसंधान संस्थान देहरादून की ओर से जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि विषय पर एफआरआई में तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन के दूसरे दिन डॉ. सुधींद्र शर्मा ने 2022 तक दोगुनी करने के लिए किसानों को उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने, बाजार में उचित मूल्य प्राप्त करने को लेकर सुझाव दिए। डॉ. सुहास वानी ने किसानों को व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने के साथ बाजार की जानकारी, उत्पाद की आवश्यकता, बाजार भाव आदि के संबंध में जानकारी दी। उन्होंन कहा कि उत्पाद की गुणवत्ता एवं भंडारण की सुविधाएं उपलब्ध हों और निजी संस्थाओं का सहयोग मिले तो किसानों की आय जरूर दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कृषि व्यवसाय विकसित करने के लिए शिक्षित युवाओं के प्रोत्साहन की बात कही। डॉ. बीएम पांडेय ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के अनुसार बीज उत्पादन तथा कृषि यांत्रिकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. वाईपीएस दबास ने अनुसंधानों और स्थानीय जरूरत के अनुसार किसानों से फसल व बीज, उर्वरक, सिंचाई की आवश्यकता आदि अपनाने की बात कही। इसके अलावा बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में अनार, अखरोट, कीवी, बेमौसमी सब्जी उत्पादन तथा औषधीय एवं सगंध पौध की खेती अपनाने का सुझाव दिया। भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रो. रवींद्रनाथ ने कहा कि यदि समय पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इससे पर्वतीय कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके लिए जनपद स्तर पर योजना तैयार करनी होगी। इसके अलावा यूकास्ट के महानिदेशक डॉ. डोभाल तथा मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शर्मा ने जल प्रबंधन, नमी संग्रहण क्षेत्र विस्तार तथा कृषि भूमि के उपयोग पर सुझाव दिए। सम्मेलन के दौरान पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें रसायन विभाग एफआरआई के मधुसूधन चमोली, जलागम प्रबंधन निदेशालय के डॉ. एसके सिंह, डॉ. डीएस रावत, डॉ. डीएस रावत, हार्क की मीनाक्षी गर्ग अपने ग्रुप व थीम में अव्वल रहे।
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