फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   उतराखंड में ब्रिटेन के फार्मूले से चलेंगे आईटीआई

उतराखंड में ब्रिटेन के फार्मूले से चलेंगे आईटीआई

Mon, 18 Dec 2017 02:06 AM IST
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:06 AM IST
विज्ञापन
उतराखंड में ब्रिटेन के फार्मूले से चलेंगे आईटीआई
उत्तराखंड में ब्रिटेन के फार्मूले से चलेंगे आईटीआई
विज्ञापन

ब्यूरो/
देहरादून।
उत्तराखंड में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अब ब्रिटेन की तर्ज पर चलेंगे। इसके तहत फैक्ट्री संचालित करने वाले उद्यमी क्षेत्र में लगे उद्योगों के हिसाब से कोर्स डिजाइन करेंगे। साथ ही आईटीआई प्रशिक्षु को प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार भी सुनिश्चित कराएंगे। इसके लिए शासन के अधिकारियों ने ब्रिटेन का दौरा कर रिपोर्ट भी तैयार की है। पहले चरण में योजना को हरिद्वार जिले में लागू किया जाएगा। बाद में पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
राज्य में संचालित सरकारी और निजी आईटीआई में 32 अलग-अलग ट्रेड संचालित हैं। अभी कोर्स करने के बाद सामान्य तौर पर प्रशिक्षु को रोजगार की तलाश खुद करनी होती है, जबकि ब्रिटेन में व्यवस्था दूसरी है। वहां फैक्ट्री संचालक ही नया कोर्स शुरू करने से पहले आपस में विचार-विमर्श करते हैं, फैक्ट्री में किस तरह के तकनीकी कर्मियों की जरूरत है? भविष्य में कौन-कौन से उत्पाद को तैयार करने वाली फैक्ट्री लगेगी या नई मशीनें आने वाली हैं, उसके हिसाब से कोर्स को डिजाइन किया जाता है। इसके बाद आईटीआई में ट्रेड शुरू किया जाता है। इन ट्रेड को संचालित करने की जिम्मेदारी भी फैक्ट्री संचालक की होती है। फैक्ट्री के विशेषज्ञ ही कोर्स के संबंध में जानकारी और प्रशिक्षण देते हैं। इसके बाद जैसे ही प्रशिक्षण पूरा होता है, आईटीआई प्रशिक्षु को निकट की ही फैक्ट्री में स्वत: जॉब मिल जाती है।
विज्ञापन

आईटीआई में व्यवस्थाओं के लिए फैक्ट्री संचालक अपने तय कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिल्टी फंड (सीएसआर) से पैसा खर्च करते हैं, इसके बाद भी अगर अध्यापन, प्रशिक्षण का खर्च, मशीनों की व्यवस्था, छात्रों की फीस ज्यादा आ रही है, तो उसमें राज्य सरकार अपना शेयर देती है। अब उत्तराखंड में कुछ इसी तर्ज पर व्यवस्था को लागू करने तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राज्य से ब्रिटेन भेजे गए थे अधिकारी
राज्य में आईटीआई की स्थिति को कैसे बेहतर किया जा सकता है, इसके अध्ययन के लिए अपर सचिव तकनीकी को ब्रिटेन के दौरे पर भेजा गया था। अध्ययन में वहां सरकार, फैक्ट्री संचालकों के समन्वय के जरिए फैक्ट्री को दक्ष कर्मियों की जरूरत और प्रशिक्षुओं को रोजगार सुनिश्चित कराने की बात सामने आई। अब इसी फार्मूले को लागू करने की तैयारी है।
कैसे लागू होगी व्यवस्था
शासन ने हरिद्वार जिले में यह प्रयोग करने की तैयारी की है। जिले की सरकारी आईटीआई को यहां के फैक्ट्री संचालकों से एमओयू कर सौंप दिया जाएगा। फैक्ट्री संचालक ही हरिद्वार जिले में लगे उद्योगों के हिसाब से कोर्स डिजाइन कर सारी व्यवस्था सीएसआर फंड से करेंगे। अगर खर्च ज्यादा आएगा, तो राज्य सरकार उसका वहन करेगी। इन आईटीआई में केवल निश्चित परिधि क्षेत्र में आने वाले आवेदकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।


ब्रिटेन में क्षेत्रवार फैक्ट्रियों की जरूरत के हिसाब से ट्रेड संचालित होते हैं और प्रशिक्षु तैयार होते हैं। ट्रेड का चयन, प्रशिक्षण से लेकर रोजगार देने का सारा काम फैक्ट्री संचालक ही करते हैं। अब प्रदेश में इस व्यवस्था को आजमाने का फैसला किया गया है। प्रयोग के तौर पर हरिद्वार जिले में लागू किया जाएगा, अगर सफलता मिली तो उसे राज्य के अन्य हिस्सों में लागू किया जाएगा। - डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed