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हरेला पर्व मानव और प्रकृति के बीच प्रेम का प्रतीक

Wed, 18 Jul 2018 01:52 AM IST
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:52 AM IST
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हरेला पर्व मानव और प्रकृति के बीच प्रेम का प्रतीक
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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धाद की ओर से चलाए जा रहे माहभर के हरेला महोत्सव के तहत मंगलवार को शिमला बाईपास स्थित ओलंपस हाईस्कूल में पहले हरेला क्लब का गठन किया गया। इस मौके पर क्लब में शामिल हुए 100 छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन के कार्यों में हिस्सेदारी का संकल्प लिया। इसके अलावा शिक्षकों ने पौधरोपण कर सुरक्षा का संकल्प भी लिया। महीनेभर चलने वाले हरेला महोत्सव में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
ओलंपस हाईस्कूल में मंगलवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच पहले हरेला क्लब का गठन किया गया। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक कुणाल शमशेर मल्ला ने धाद महोत्सव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा यह पर्व मानव और प्रकृति के बीच प्रेम का प्रतीक है। आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराने और पर्यावरण से जोड़े रखने के लिए धाद की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं से रोपे गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाने का आह्वान किया। इसके अलावा उन्होंने स्कूल में हरेला सप्ताह मनाने की घोषणा की। इस दौरान पूरे हफ्ते राज्य की बोली-भाषा, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानाचार्या अनुराधा पुंडीर ने भी छात्र-छात्राओं से भी पर्यावरण से जुड़ने की अपील की। शिक्षक रविंद्र सिंह नेगी ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर किसलय शाह, सुनील जोशी, जगजीत कौर, मौंटी कुमार, वंदना शर्मा, रचना पाठक, तन्वी पाल, श्रेष्ठ नेगी, शौर्य नेगी, हर्षमणि व्यास, विजय जुयाल, अपूर्व आनंद, प्रमोद पांडे, दीपा भट्ट, बीरेश, साकेत रावत, सुदीप जुगरान आदि मौजूद रहे।
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कई गतिविधियां आयोजित करेगा हरेला क्लब
धाद के सचिव तन्मय ममगांई ने बताया कि हरेला क्लब पूरे वर्षभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करेगा। क्लब के माध्यम से नियमित तौर पर पर्यावरण व संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा समय-समय पर पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यक्रम, क्विज कांटेस्ट समेत अन्य आयोजन भी किए जाएंगे। जिससे अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा सके।
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रंगारंग प्रस्तुतियों से बांधा समां
छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उन्होंने ‘हमारा दयारा छोटा-बड़ा बुग्याल झुमैलो’ के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद अग्रिमा, एवांशी, सुहानी, वैष्णवी, स्वाति, सूर्यंशी और रिद्धि गुप्ता ने ‘ठंडु मठु चैमास डांड्यूं मा सौरि गै...’ और अन्य गीतों पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति देकर अन्य छात्र-छात्राओं को भी झूमने पर मजबूर कर दिया। छात्र-छात्राओं ने पारपंरिक लोक गीतों के साथ थड्या, चौंफला और झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया।

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आप भी बनाएं हरेला क्लब
कोई भी स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संस्था, कॉलोनी अपने यहां हरेला क्लब का गठन कर सकता है। 14 से 25 वर्ष के कम से कम 25 छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल किया जा सकता है। प्रत्येक सदस्य को हर माह 10 रुपये का योगदान भी देना होगा। यह राशि धाद की ओर से बनाए जाने वाले हरेला अंबेसडर को दी जाएगी, जो नियमित तौर पर पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेंगे। धाद की ओर से क्लब को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। हरेल क्लब व महोत्सव से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर 9412050315, 9897868450 और 9675730046 पर संपर्क किया जा सकता है।
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