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फुटपाथ पर रहने वालों का रैनबसेरा बनेंगी कंडम बसें

Wed, 12 Dec 2018 01:59 AM IST
Updated Wed, 12 Dec 2018 01:59 AM IST
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फुटपाथ पर रहने वालों का रैनबसेरा बनेंगी कंडम बसें
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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परिवहन निगम की कंडम बसें अब फुटपाथ पर रहने वालों का रैनबसेरा बनेंगी। इसे लेकर मंगलवार को नई पहल करते हुए मेयर सुनील उनियाल गामा ने परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने चार कंडम बसों को आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, परेड ग्राउंड, रायपुर पर अस्थाई रैनबसेरे के रूप में प्रयोग करने की बात कही है।
लंबे समय से निगम क्षेत्र में अस्थाई रैन बसेरों की जरूरत महसूस की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन सकी। इसके कारण बेसहारा लोग फुटपाथ पर रात गुजारने को मजबूर हैं। ठंड में खुले में सोने के चलते निमोनिया आदि बीमारियों के शिकार भी हाते हैं। ऐसे में मेयर गामा ने नई पहल करते हुए कंडम बसों का इस्तेमाल कर अस्थाई रैन बसेरे बनाने की योजना बनाई है।
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मेयर गामा बताते हैं कि उन्हें इसका आइडिया करीब दो महीने पहले विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रोडवेज वर्कशॉप में आयोजित कार्यक्रम में आया था। बकौल गामा वर्कशाप में काफी कंडम बसें खड़ी हैं। इन बसों का इस्तेमाल अस्थाई रैन बसेरे के रूप में किया जा सकता है। बढ़ती ठंड को देखते हुए अब इस विचार को धरातल पर उतारने की जरूरत है। इस बाबत परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक बीके संत को पत्र लिखा गया है। जिसमें परिवहन निगम की चार कंडम मांगी गई हैं। जिसे मॉडिफाई करके अस्थाई रैन बसेरों के रूप में प्रयोग किया जाएगा। इस पर प्रबंध निदेशक ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मौजूदा रैनबसेरों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं
दून में देश के विभिन्न जगहों से हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। नगर निगम क्षेत्र में केवल चार ही रैन बसेरे हैं। जो शहर के अलग-अलग हिस्सों पर मौजूद हैं। रैन बसेरों के बारे में जानकारी न होने के चलते अधिकतर बेसहारा लोग फुटपाथ पर रातें गुजारने को मजबूर हैं। उन्हें पता ही नहीं कि रैन बसेरे कहां हैं? पिछले वर्ष नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, मसूरी बस अड्डा के साथ ही दून अस्पताल आदि के बाहर रैन बसेरों की जानकारी के बोर्ड लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अभी तक रैन बसेरों का साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी किया था प्रयोग
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2013 के अंत में खटारा बसों को मॉडिफाई कराकर उन्हें जिला अस्पताल के बाहर खड़ा करवाया था। इस पहल से फुटपाथ पर रहने वालों को काफी राहत मिली थी।

रैन बसेरों में अव्यवस्था मिली तो कार्रवाई
मेयर सुनील उनियाल गामा ने निगम के अधिकारियों रैन बसेरों में अव्यवस्था मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों में सफाई व्यवस्थाओं को पुख्ता किया जाए। रैन बसेरों में कंबल आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
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