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फोटो -- हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं...

Mon, 16 Apr 2018 02:05 AM IST
Updated Mon, 16 Apr 2018 02:05 AM IST
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फोटो  --  हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं...
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं, मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं..., फिर उसके बाद चाहे ये जुबान कटती है...कट जाए, हमने जो कुछ भी कहना है, ऐलान ऐलान कहते हैं... मशहूर शायर डॉ. राहत इंदौरी ने जब ग्राफिक एरा विवि में आयोजित 16वें कवि सम्मेलन में ये पंक्तियां सुनाईं तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। इसके अलावा देश के कई बड़े कवियों ने अपनी रजनाएं सुनाकर श्रोताओं को काव्य की रसधारा में गोते लगाने को मजबूर कर दिया। इस अवसर पर डॉ. राहत इंदौरी को एक लाख रुपये का ‘ग्राफिक एरा काव्य गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया।
ग्राफिक एरा विवि परिसर में रविवार देर रात आयोजित कवि सम्मेलन का ग्राफिक शुभारंभ एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कमल घनशाला व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. राहत इंदौरी ने हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं..., समेत अन्य रचनाएं सुनाईं तो विवि परिसर के हाल श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पद्मश्री सुरेंद्र दूबे की हास्य-व्यंग्य रचना ‘भगवान किसी को ऐसी सजा मत देना, राहुल जैसी जवानी मत देना, आडवाणी जैसा बुढ़ापा मत देना’ व ‘जो लड़कियां अपनी किताबों में आमिर और सलमान की फोटो दबाती हैं, उन्होंने लड़कियों की शादी अक्सर जेठालाल से होती है’ सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। डॉ. हरिओम पंवार ने वीर रस से ओत-प्रोत ‘फूल अमन के कभी नहीं खिलते कायर परिपाटी में, नेहरू जी के श्वेत कबूतर मरे पड़े हैं घाटी में, दिल्ली वालों अपने मन को बुद्ध करो या क्रुद्ध करो, कश्मीर को दान करो या गद्दारों से युद्ध करो...’ समेत कई रचनाएं सुनाईं। शायरा मुमताज नसीम अलीगढ़ी ने ‘उनकी तुझे कैसे इल्म ना हो सका, बड़ी दूर तक ये खबर गई कि तेरे शहर की शायरा तेरे इंतजार में मर गई, कोई बात थी, कोई था सबब जो मैं वादा करके मुकर गई...’ आदि कई रचनाएं सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कवि सम्मेलन के संचालक डॉ. प्रवीण शुक्ल ने ‘जाने कितने अनुभवों का है यही बस सार अंतिम, मत कभी करना किसी से कोई भी तकरार अंतिम, जिंदगी की उलझनों से जूझ कर जाना मैंने, न कोई भी जीत अंतिम, न कोई हार अंतिम’ समेत कई रचनाओं से श्रोताओं के गुदगुदाया। इस मौके पर एरा विवि की छात्रा यामिनी मिश्रा के अलावा कई छात्रों ने अपनी रचनां सुनाईं। इस अवसर पर ग्राफिक एरा ग्रुप के मुख्य संरक्षक आरसी घनशाला, ग्राफिक एरा डीम्ड विवि के चांसलर डॉ. आरसी जोशी, पर्वतीय विवि के कुलपति डॉ. संजय जसोला समेत अन्य अधिकारी, शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।
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अचीवर्स मीट का आयोजन
कवि सम्मेलन से पहले विवि में अचीवर्स मीट का आयोजन किया गया। ग्राफिक एरा ग्रुप के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने विवि की कामयाबी का श्रेय शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में प्रतिष्ठित कंपनियों में विवि के छात्र सेवाएं दे रहे हैं। इस अवसर पर विशाल केक भी काटा गया।
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