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उत्तराखंड: इस बीमारी की चपेट में आए 600 लोग, मच गया हड़कंप

Tue, 20 Feb 2018 12:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी Updated Tue, 20 Feb 2018 12:06 PM IST
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600 people suffered dangerous disease
दिमागी फीवर, लीवर इंफेक्शन व टाइफाइड की बीमारी हो सकती है

पौड़ी में सड़क किनारे फैली गंदगी पर मंडराते लावारिस पशुओं से दूरी बना कर चलें, अन्यथा उनके शरीर से कीट (माइट) आपके शरीर में आ जाएगा।

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इसके काटने से आपको दिमागी फीवर, लीवर इंफेक्शन व टाइफाइड की बीमारी हो सकती है। एक महीने में करीब 600 लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं और जिला अस्पताल में रोज पांच से छह मरीज भर्ती हो रहे हैं। 
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पौड़ी शहर में कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कूड़े पर खाने की तलाश करते कुत्ते, बिल्ली व सुअर के शरीर पर पलने वाले परजीवी माइट तेजी से विकसित हो रहे हैं।

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पशुओं के शरीर में चलने वाले माइट इंसान के मांस पर चिपक जाते हैं

600 people suffered dangerous disease
जिला अस्पताल के डा. विनोद कुमार कहते हैं कि लावारिस पशुओं के शरीर में चलने वाले माइट इंसान के मांस पर चिपक जाते हैं। कुछ ही सेकेंड में काटकर वे इंसान को छोड़ देते हैं, इसका पता भी नहीं चलता।

माइट अपना लारवा भी मनुष्य के शरीर में छोड़ देता है। इससे दिमागी बुखार के साथ ही लीवर व फेफड़ों में संक्रमण होता है और शरीर कमजोर पड़ने लगता है।

जिला चिकित्सालय के रिकार्ड पर नजर डालें तो एक महीने में 600 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं। सोमवार को जिला चिकित्सालय में 12 मरीज सुबह भर्ती मिले। सुभद्रा देवी, विमला देवी, हर्षवर्द्धन, उषा देवी व छह साल का हर्ष व गीता आदि यहां भर्ती हैं।
 

बीमारी के लक्षण

600 people suffered dangerous disease
Doctor
-सिर में दर्द होना 
-मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना 
-शरीर के सभी बाहरी अंगों में कमजोरी महसूस होना 
-मतली या उल्टी लगना 
-गर्दन, पीठ और कंधों में अकड़न 
-तेज बुखार और ठंड लगना 
-दिमागी बुखार होने पर व्यक्तियों की मानसिक स्थिति में भी परिवर्तन 
-कोई भी निर्णय लेने में असहजता या परेशानी होना 
-चिड़चिड़ापन 
-आलस और मानसिक स्थिति सही न होना
 

इस तहर से करें बचाव...

600 people suffered dangerous disease
कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
-घर से बाहर निकलने पर गंदगी के पास मंडराते लावारिस पशुओं से बच कर चलें। 
- शरीर पर पूरा लिवास पहनें 
- फीवर होते ही तत्काल चिकित्सालय में जांच करवाएं

दिमागी बुखार के बढ़ते मरीजों को देखते हुए अब चिकित्सालय में ऐसे रोगियों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की जा रही है। अस्पताल के पास रोग से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयां हैं और इसे लगातार मरीजों को बांटा जा रहा है। 
- डा. अनिल कुमार, प्रमुख चिकित्साधीक्षक पौड़ी
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