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51 महिलाओं ने सिर पर धारण किए कलश
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मोथरोवाला चौक, बहुगुणा कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। 51 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सुंदर भजन गाए। इससे माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।
मंगलवार को बहुगुणा कॉलोनी स्थित शिव मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए कथा पंडाल तक पहुंची। जहां पर वेद मंत्रों से ठाकुरजी का पूजन किया गया। पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि भगवान की भक्ति के लिए किसी विशेष समय या स्थान की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, भगवान की भक्ति हर जगह हर समय समान रूप से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जीवन में किए गए अच्छे और बुरे कर्मों का फल भी इसी जीवन में मिलता है।
इस अवसर पर रमा जोशी, देवेंद्र जोशी, विवेक सरस्वती, दिनेश, अशोक, हेमलता सती, सीमा गैरोला, गिरीश नैथानी, विनोद, कांति प्रसाद, आचार्य शिव प्रसाद सेमवाल, आचार्य दामोदर सेमवाल, सरोजनी सेमवाल, नीरू सुधीर, भगवती प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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मोथरोवाला चौक, बहुगुणा कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। 51 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सुंदर भजन गाए। इससे माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।
मंगलवार को बहुगुणा कॉलोनी स्थित शिव मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए कथा पंडाल तक पहुंची। जहां पर वेद मंत्रों से ठाकुरजी का पूजन किया गया। पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि भगवान की भक्ति के लिए किसी विशेष समय या स्थान की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, भगवान की भक्ति हर जगह हर समय समान रूप से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जीवन में किए गए अच्छे और बुरे कर्मों का फल भी इसी जीवन में मिलता है।
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इस अवसर पर रमा जोशी, देवेंद्र जोशी, विवेक सरस्वती, दिनेश, अशोक, हेमलता सती, सीमा गैरोला, गिरीश नैथानी, विनोद, कांति प्रसाद, आचार्य शिव प्रसाद सेमवाल, आचार्य दामोदर सेमवाल, सरोजनी सेमवाल, नीरू सुधीर, भगवती प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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