{"_id":"5c7c3355bdec2273771f470a","slug":"51551643477-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"367 संविदा परिचालकों का नियुक्ति को हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
367 संविदा परिचालकों का नियुक्ति को हरी झंडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
रोडवेज में 367 संविदा परिचालकों की नियुक्ति को रविवार को हुई कैबिनेट में हरी झंडी मिल गई।
बता दें, परिवहन निगम ने वर्ष 2017 में 424 परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार लिया गया। इनमें से 367 आवेदक ही उत्तीर्ण हो पाए थे। इसके तहत देहरादून मंडल में 175, नैनीताल में 162 और टनकपुर में 30 संविदा परिचालकों की भर्ती की जानी थी। मंडलीय प्रबंधकों ने इन्हें डिपोवार आवंटित किया। नियुक्ति डिपो के सहायक महाप्रबंधकों की ओर से दी जानी थी। आवंटन के आदेश के बाद दस्तावेजी प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच सरकार ने हर विभाग में संविदा पर रोक लगा दी। बीते वर्ष 27 अप्रैल को मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी ने संविदा पर किसी कार्मिक को नियुक्ति दी तो उससे संबंधित रिकवरी अधिकारी के वेतन और पेंशन से की जाएगी। इसी आधार पर तत्कालीन प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत ने सभी डिपो के सहायक महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर संविदा परिचालकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
रोडवेज में 367 संविदा परिचालकों की नियुक्ति को रविवार को हुई कैबिनेट में हरी झंडी मिल गई।
बता दें, परिवहन निगम ने वर्ष 2017 में 424 परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार लिया गया। इनमें से 367 आवेदक ही उत्तीर्ण हो पाए थे। इसके तहत देहरादून मंडल में 175, नैनीताल में 162 और टनकपुर में 30 संविदा परिचालकों की भर्ती की जानी थी। मंडलीय प्रबंधकों ने इन्हें डिपोवार आवंटित किया। नियुक्ति डिपो के सहायक महाप्रबंधकों की ओर से दी जानी थी। आवंटन के आदेश के बाद दस्तावेजी प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच सरकार ने हर विभाग में संविदा पर रोक लगा दी। बीते वर्ष 27 अप्रैल को मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी ने संविदा पर किसी कार्मिक को नियुक्ति दी तो उससे संबंधित रिकवरी अधिकारी के वेतन और पेंशन से की जाएगी। इसी आधार पर तत्कालीन प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत ने सभी डिपो के सहायक महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर संविदा परिचालकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी।