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ओएनजीसी में ‘लड़ाई’ नाटक का मंचन
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
नाट्य संस्था दून घाटी रंगमंच की ओर से ओएनजीसी के सभागार में ‘भ्रष्टाचार मिटाओ-नया भारत बनाओ’ जागरूकता सप्ताह के तहत ‘लड़ाई’ नामक नाटक का मंचन किया गया। इसके जरिए कलाकारों ने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने के साथ ही उस पर करारा प्रहार भी किया।
रंगमंच के कलाकारों ने अपने अभिनय से कारोबारियों द्वारा उपभोक्ताओं को अधिक दामों में वस्तुएं बेचने, बैंक में भ्रष्टाचार, राशन आपूर्ति दफ्तरों में भ्रष्टाचार के अलावा सरकारी अस्पतालों में हो रहे भ्रष्टाचार को दर्शाने के साथ ही उस पर करारा प्रहार भी किया। कलाकारों ने भारतीय राजनीति के अलावा पुलिस प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी बड़े ही शानदार अंदाज में प्रस्तुत दी। कलाकारों ने नाटक में दिखाया कि किस प्रकार भ्रष्टाचार की ‘लड़ाई’ लड़ते हुए सत्यव्रत माफियाओं के हमले में मारा जाता है और उसकी पत्नी संकल्प लेती है कि यह लड़ाई जारी रहेगी, लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है मैं आपके सपनों को साकार करूंगी इसी के साथ नाटक का समापन हो जाता है। नाटक समापन के उपरांत कलाकारों ने ‘नया भारत बनाना है भ्रष्टाचार मिटाना है’ का भी संकल्प लिया। नाटक में मुख्य भूमिका निर्देशक बृजेश नारायण, आरती नेगी, आदेश नारायण, महेश नारायण, सुभाष धीमान, शिवम मामगई, मनीष धीमान, मोहित कुमार, आदित्य सैनी, अवधेश नारायण, अंशुल वाधवा आदि कलाकारों ने निभाई। नाट्य भूषण लक्ष्मी नारायण के निर्देशन में आयोजित नाटक का दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया। नाटक के लेखक सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हैं।
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नाट्य संस्था दून घाटी रंगमंच की ओर से ओएनजीसी के सभागार में ‘भ्रष्टाचार मिटाओ-नया भारत बनाओ’ जागरूकता सप्ताह के तहत ‘लड़ाई’ नामक नाटक का मंचन किया गया। इसके जरिए कलाकारों ने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने के साथ ही उस पर करारा प्रहार भी किया।
रंगमंच के कलाकारों ने अपने अभिनय से कारोबारियों द्वारा उपभोक्ताओं को अधिक दामों में वस्तुएं बेचने, बैंक में भ्रष्टाचार, राशन आपूर्ति दफ्तरों में भ्रष्टाचार के अलावा सरकारी अस्पतालों में हो रहे भ्रष्टाचार को दर्शाने के साथ ही उस पर करारा प्रहार भी किया। कलाकारों ने भारतीय राजनीति के अलावा पुलिस प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी बड़े ही शानदार अंदाज में प्रस्तुत दी। कलाकारों ने नाटक में दिखाया कि किस प्रकार भ्रष्टाचार की ‘लड़ाई’ लड़ते हुए सत्यव्रत माफियाओं के हमले में मारा जाता है और उसकी पत्नी संकल्प लेती है कि यह लड़ाई जारी रहेगी, लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है मैं आपके सपनों को साकार करूंगी इसी के साथ नाटक का समापन हो जाता है। नाटक समापन के उपरांत कलाकारों ने ‘नया भारत बनाना है भ्रष्टाचार मिटाना है’ का भी संकल्प लिया। नाटक में मुख्य भूमिका निर्देशक बृजेश नारायण, आरती नेगी, आदेश नारायण, महेश नारायण, सुभाष धीमान, शिवम मामगई, मनीष धीमान, मोहित कुमार, आदित्य सैनी, अवधेश नारायण, अंशुल वाधवा आदि कलाकारों ने निभाई। नाट्य भूषण लक्ष्मी नारायण के निर्देशन में आयोजित नाटक का दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया। नाटक के लेखक सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हैं।
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