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मास्टर प्लान बनाकर कार्य करेगा पिटकुल
Updated Sun, 19 Aug 2018 01:48 AM IST
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मास्टर प्लान बनाकर कार्य करेगा पिटकुल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) ने लंबित परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत साल 2020 तक एक हजार करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं को पूरा किया जाना है। इसके अलावा प्रबंधन ने मार्च 2019 तक 500 करोड़ की परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत हर्रावाला स्थित 220 केवी जीआईएस आधारित पावर स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
शनिवार को पिटकुल में लंबित दर्जनों परियोजनाओं को लेकर प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने निदेशकों, मुख्य अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं की बैठक ली। जिसमें परियोजनाआें को समय पर पूरा न करने पर संबंधित मुख्य अभियंताओं और अभियंताओें पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सिंघल ने बताया कि कई परियोजनाएं विभिन्न कारणों के चलते पूरी नहीं हो पाई हैं। इससे राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही पिटकुल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। योजनाएं समय से पूरी हों, इसके लिए सन् 2020 तक के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस संबंध में अफसरों को हिदायत दे दी गई है। साथ ही वह स्वयं परियोजनाआें की मानीटरिंग करेंगे।
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बता दें कि पिछले महीने सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बैठक के दौरान पिटकुल की परियोजनाआें के समय रहते पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। सचिव ऊर्जा ने भी अफसरों को भी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) ने लंबित परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत साल 2020 तक एक हजार करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं को पूरा किया जाना है। इसके अलावा प्रबंधन ने मार्च 2019 तक 500 करोड़ की परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत हर्रावाला स्थित 220 केवी जीआईएस आधारित पावर स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
शनिवार को पिटकुल में लंबित दर्जनों परियोजनाओं को लेकर प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने निदेशकों, मुख्य अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं की बैठक ली। जिसमें परियोजनाआें को समय पर पूरा न करने पर संबंधित मुख्य अभियंताओं और अभियंताओें पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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सिंघल ने बताया कि कई परियोजनाएं विभिन्न कारणों के चलते पूरी नहीं हो पाई हैं। इससे राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही पिटकुल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। योजनाएं समय से पूरी हों, इसके लिए सन् 2020 तक के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस संबंध में अफसरों को हिदायत दे दी गई है। साथ ही वह स्वयं परियोजनाआें की मानीटरिंग करेंगे।
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बता दें कि पिछले महीने सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बैठक के दौरान पिटकुल की परियोजनाआें के समय रहते पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। सचिव ऊर्जा ने भी अफसरों को भी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी थी।