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बिजली विभाग में जितना बड़ा अधिकारी, उतने बउ़े कनेक्शन के जांच का जिम्मा

Thu, 02 May 2019 10:32 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2019 10:32 AM IST
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बिजली विभाग में जितना बड़ा अधिकारी, उतने बउ़े कनेक्शन के जांच का जिम्मा
प्रतीकात्मक

देहरादून

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बिजली चोरी रोकने के लिए ऊर्जा विभाग सख्त हो गया है। मुख्य अभियंताओं से लेकर अवर अभियंताओं तक को इस बार नया लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। नए आदेश के तहत मुख्य अभियंता प्रत्येक महीने 500 केवीए क्षमता से अधिक तीन कनेक्शन की जांच करेंगेे। जबकि अधीक्षण अभियंता 15, अधिशासी अभियंताआें को प्रतिमाह 20 कनेक्शन की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी अधिकारी हर माह 15 तारीख को रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपेंगे।

ऊर्जा सचिव राधिका झा के आदेश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब मुख्य अभियंताआें को हर महीने न्यूनतम 10 बिजली कनेक्शन की जांच करनी ही होगी। जिसमें से तीन कनेक्शन 500 केवीए क्षमता से अधिक के होंगे। अधीक्षण अभियंताओं को प्रतिमाह 15 उपभोक्ताओें के कनेक्शन की जांच करनी होगी। इनमें से तीन कनेक्शन 100 किलोवाट क्षमता से अधिक के होेंगे। जबकि अधिशासी अभियंता हर माह 20 कनेक्शन की जांच करेंगे। इनमें से 10 कनेक्शन 50 हार्सपावर से अधिक क्षमता के होंगे। सहायक अभियंताओं को 25 कनेक्शन की जांच करनी होगी। इनमें 10 कनेक्शन 25 हार्सपावर से लेकर 500 केवीए क्षमता के होंगे। अवर अभियंताआें को अपने-अपने क्षेत्रों में 250 कनेक्शनों की जांच करनी होगी। विभाग की ओर से जारी नए आदेशों की दिनभर दफ्तरों में चर्चा रही।
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50 हार्स पावर से अधिक क्षमता के कनेक्शन की जांच प्रत्येक वर्ष जरूरी
ऊर्जा सचिव राधिका झा ने निर्देशित किया है कि अधिशासी अभियंता यह सुनिश्चित कराएंगे कि उनके क्षेत्र में 50 हार्सपावर से अधिक क्षमता के जितने भी कनेक्शन होंगे उनकी साल में एक बार जांच जरूर कराई जाए। उसके बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। इसके अलावा उन्होंने आदेश में कहा है कि प्रदेश में 500 से 1000 केवीए क्षमता के जितने भी कनेक्शन हैं उनकी संबंधित अधिशासी अभियंता वितरण व अधिशासी अभियंता निरीक्षण संयुक्त तौर पर जांच करेंगे। जबकि 1000 केवीए से अधिक क्षमता के कनेक्शन की जांच अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में दोनों अधिशासी अभियंता करेंगे।
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प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। मुख्य से लेकर अवर अभियंता स्तर तक के अधिकारियों के लिए प्रतिमाह कनेक्शन जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद यदि बिजली चोरी की घटनाएं पकड़ी जाएंगी तो इसके लिए संबधित अभियंता जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

...राधिका झा, सचिव ऊर्जा

विजिलेंस टीम को प्रतिमाह 400 कनेक्शन जांच का जिम्मा
ऊर्जा सचिव राधिका झा के निर्देश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने विभागीय विजिलेंस टीम के अधिकारियों को आदेश जारी किया कि वे प्रतिमाह औसतन 400 कनेक्शन की जांच करेंगे। टीम में शामिल अधिकारी और कर्मचारी शिथिलता न बरत सके इसके लिए निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रतिदिन विजिलेंस की जांच की समीक्षा करेंगे। साथ ही इसकी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपेंगे। प्रबंध निदेशक के माध्यम से यह रिपोर्ट ऊर्जा सचिव को भेजी जाएगी। इस संबंध में ऊर्जा सचिव राधिका झा का कहना है कि इसके बावजूद किसी क्षेत्र में बिजली चोरी पकड़ी जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। ब्यूरो

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