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प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल से रही ओपीडी सेवाएं ठप
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:48 AM IST
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ब्यूरो, अमर उजाला, देहरादून
नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में प्राइवेट डॉक्टरों की एक दिन की देशव्यापी हड़ताल के कारण शहर में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। प्राइवेट डॉक्टर शनिवार को सुबह छह से शाम छह बजे तक हड़ताल पर रहे। हालांकि अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज और इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं। जबकि हड़ताल के चलते कई मरीजों को अस्पताल से लौटना पड़ा। दून में एसोसिएशन के लगभग 300 सदस्य हड़ताल पर रहे, जिसमें से कुछ के निजी क्लीनिक हैं तो कुछ प्राइवेट अस्पतालों में कार्यरत हैं।
इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि वानखेड़कर ने आईएमए के सभागर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को खत्म कर नेशनल मेडिकल काउंसिल का गठन किया है। इसके विरोध में प्राइवेट डॉक्टरों ने देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने कहा कि सरकार बिल को लागू कर मेडिकल के स्तर को कम करने का काम करना चाहती है। बिल से मेडिकल की पढ़ाई के लिए फीस, शैक्षिक योग्यता, अस्पतालों के उपकरणों को केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी देखरेख करेगी। वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए मनमानी फीस वसूली जाएगी और मनचाहों को कॉलेज में ऐडमिशन दिया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग के छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। सोमवार को एसोसिएशन की बैठक में बिल के विरोध में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बीसी पांडे, महासचिव डॉ. डीडी चौधरी और डॉ. टीएस रौतेला मौजूद रहे।
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नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में प्राइवेट डॉक्टरों की एक दिन की देशव्यापी हड़ताल के कारण शहर में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। प्राइवेट डॉक्टर शनिवार को सुबह छह से शाम छह बजे तक हड़ताल पर रहे। हालांकि अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज और इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं। जबकि हड़ताल के चलते कई मरीजों को अस्पताल से लौटना पड़ा। दून में एसोसिएशन के लगभग 300 सदस्य हड़ताल पर रहे, जिसमें से कुछ के निजी क्लीनिक हैं तो कुछ प्राइवेट अस्पतालों में कार्यरत हैं।
इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि वानखेड़कर ने आईएमए के सभागर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को खत्म कर नेशनल मेडिकल काउंसिल का गठन किया है। इसके विरोध में प्राइवेट डॉक्टरों ने देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने कहा कि सरकार बिल को लागू कर मेडिकल के स्तर को कम करने का काम करना चाहती है। बिल से मेडिकल की पढ़ाई के लिए फीस, शैक्षिक योग्यता, अस्पतालों के उपकरणों को केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी देखरेख करेगी। वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए मनमानी फीस वसूली जाएगी और मनचाहों को कॉलेज में ऐडमिशन दिया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग के छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। सोमवार को एसोसिएशन की बैठक में बिल के विरोध में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बीसी पांडे, महासचिव डॉ. डीडी चौधरी और डॉ. टीएस रौतेला मौजूद रहे।
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