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शीशमबाड़ा प्लांट में कूड़े से बनेगी बिजली
Updated Mon, 07 May 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट एंड मैनेजमेंट प्लांट में अब बिजली भी तैयार की जाएगी। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा, जिसमें कूड़े की प्रोसेसिंग से निकले आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइव फ्यूल) के जरिये बिजली पैदा की जाएगी। इसे लेकर सर्वे अंतिम चरण में है, दो साल में प्लांट बनकर तैयार होने की संभावना है। इसी के साथ यहां हरबर्टपुर, विकासनगर, सेलाकुई, मसूरी और डोईवाला से भी कूड़ा पहुंचेगा।
देश के पहले एडवांस तकनीक का प्लांट शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में अब बिजली भी पैदा होगी। रैमकी कंपनी छह मेगावाट का प्लांट लगाएगी, जिसके जरिये आरडीएफ के जरिये बिजली उत्पन्न कर उसे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन को दिया जाएगा। जिसका भुगतान कॉरपोरेशन कंपनी को करेगी। सर्वे के बाद पावर कॉरपोरेशन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और नगर निगम से एनओसी मिलने के बाद प्लांट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दो साल में प्लांट बनकर तैयार होगा। कंपनी प्लांट अपने खर्च पर बना रही है। वहीं, प्लांट बनने से देहरादून के अन्य क्षेत्रों का कूड़ा भी यहां भेजा जाएगा। जिससे अधिक से अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सके।
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कूड़े का होगा पूरा निस्तारण
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनने से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में आने वाले कूड़े का पूरी तरह से निस्तारण हो सकेगा। वहीं, अभी प्लांट से जो थोड़ी बहुत बदबू आ रही है। वह भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
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पावर कॉरपोरेशन समेत अन्य विभागों से एनओसी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट बनने के बाद आसपास का कूड़ा भी यहां लाने का कार्य शुरू होगा, जिससे अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सकेगी। - मोहित द्विवेदी, प्लांट हेड, रैमकी कंपनी
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शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट एंड मैनेजमेंट प्लांट में अब बिजली भी तैयार की जाएगी। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा, जिसमें कूड़े की प्रोसेसिंग से निकले आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइव फ्यूल) के जरिये बिजली पैदा की जाएगी। इसे लेकर सर्वे अंतिम चरण में है, दो साल में प्लांट बनकर तैयार होने की संभावना है। इसी के साथ यहां हरबर्टपुर, विकासनगर, सेलाकुई, मसूरी और डोईवाला से भी कूड़ा पहुंचेगा।
देश के पहले एडवांस तकनीक का प्लांट शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में अब बिजली भी पैदा होगी। रैमकी कंपनी छह मेगावाट का प्लांट लगाएगी, जिसके जरिये आरडीएफ के जरिये बिजली उत्पन्न कर उसे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन को दिया जाएगा। जिसका भुगतान कॉरपोरेशन कंपनी को करेगी। सर्वे के बाद पावर कॉरपोरेशन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और नगर निगम से एनओसी मिलने के बाद प्लांट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दो साल में प्लांट बनकर तैयार होगा। कंपनी प्लांट अपने खर्च पर बना रही है। वहीं, प्लांट बनने से देहरादून के अन्य क्षेत्रों का कूड़ा भी यहां भेजा जाएगा। जिससे अधिक से अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सके।
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कूड़े का होगा पूरा निस्तारण
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनने से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में आने वाले कूड़े का पूरी तरह से निस्तारण हो सकेगा। वहीं, अभी प्लांट से जो थोड़ी बहुत बदबू आ रही है। वह भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
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पावर कॉरपोरेशन समेत अन्य विभागों से एनओसी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट बनने के बाद आसपास का कूड़ा भी यहां लाने का कार्य शुरू होगा, जिससे अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सकेगी। - मोहित द्विवेदी, प्लांट हेड, रैमकी कंपनी