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पांच जिलों में पटवारियों ने किया कार्य बहिष्कार
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पांच जिलों में पटवारियों ने किया कार्य बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में तहसील से आय प्रमाणपत्रों के दस्तावेज मांगने के विरोध में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिससे पांच जिलों के छह हजार दाखिल खारिज और चार हजार आय प्रमाणपत्रों का काम अटक गया है। पटवारियों का कहना है कि जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दरअसल, समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई तो पता चला कि लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर छात्रवृत्ति ली है। इसके बाद जांच टीम ने तहसील से आय प्रमाणपत्रों का ब्यौरा तलब किया है। जिसके विरोध में देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार व चंपावत जिलों में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। पटवारियों का कहना है कि उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए आय प्रमाणपत्र बनाए थे। यदि कोई व्यक्ति इन प्रमाणपत्रों का गलत इस्तेमाल करता है तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं हैं, लेकिन जांच टीम व सरकार जानबूझकर अपनी गलती उनके ऊपर थोपना चाह रही है, जिसे उत्तराखंड लेखपाल संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। संघ अब जाति प्रमाणपत्र बनाने का काम भी ठप करने जा रहा है। आंदोलन में लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद घिल्ड़ियाल, प्रांतीय महामंत्री राधेश्याम पैन्यूली, उपाध्यक्ष कुलदीप गैरोला, राजेश उनियाल, देवेश घिल्ड़ियाल आदि पटवारी शामिल रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में तहसील से आय प्रमाणपत्रों के दस्तावेज मांगने के विरोध में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिससे पांच जिलों के छह हजार दाखिल खारिज और चार हजार आय प्रमाणपत्रों का काम अटक गया है। पटवारियों का कहना है कि जांच के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दरअसल, समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई तो पता चला कि लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर छात्रवृत्ति ली है। इसके बाद जांच टीम ने तहसील से आय प्रमाणपत्रों का ब्यौरा तलब किया है। जिसके विरोध में देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार व चंपावत जिलों में पटवारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। पटवारियों का कहना है कि उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए आय प्रमाणपत्र बनाए थे। यदि कोई व्यक्ति इन प्रमाणपत्रों का गलत इस्तेमाल करता है तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं हैं, लेकिन जांच टीम व सरकार जानबूझकर अपनी गलती उनके ऊपर थोपना चाह रही है, जिसे उत्तराखंड लेखपाल संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। संघ अब जाति प्रमाणपत्र बनाने का काम भी ठप करने जा रहा है। आंदोलन में लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद घिल्ड़ियाल, प्रांतीय महामंत्री राधेश्याम पैन्यूली, उपाध्यक्ष कुलदीप गैरोला, राजेश उनियाल, देवेश घिल्ड़ियाल आदि पटवारी शामिल रहे।
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