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संशोधित खबर-गैस सिलेंडर में रिसाव होने से किचन में लगी आग
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक मुख्यालय के कंडीगांव में एक घर के किचन में गैस सिलिंडर से रिसाव होने से आग लग गई। घटना में वहां मौजूद चार बच्चों सहित छह लोग झुलस गए। बच्चों की चीख पुकार पर वहां पहुंचे पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाते हुए आग से झुलसे लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को 108 से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बुरी तरह से झुलसे तीन बच्चों को चंबा से एयर लिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स पहुंचाया गया, जबकि तीन लोगों को एंबुलेंस से भेजा गया।
कंडीगांव में केशर सिंह शुक्रवार सुबह करीब सात बजे गैस सिलिंडर बदलने के बाद चाय बना रहे थे। कुछ देर बाद उनकी पत्नी और चार पोतियां भी किचन में आ गई। उन्होंने किचन का दरवाजा बंद कर दिया। इस दौरान सिलिंडर से रिसाव होने का उन्हें पता नहीं चल पाया। दरवाजा बंद करने के कुछ देर बाद ही बिजली के बल्ब में ब्लास्ट हो गया और रसोईघर में आग लग गई। बच्चों की चीख पुकार सुनकर उनके पड़ोसी किराएदार ने धक्का देकर दरवाजा खोला। शोर सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया और आग से झुलसे केशर सिंह गुसाईं (73), उनकी पत्नी सुमित्रा देवी (65), पोती हिमांशी (13) पुत्री शीशपाल सिंह उर्फ बबलू, अंशिका (10), आरुषि (6) व आंचल (8) (तीनों पुत्रियां सुभाष गुसाईं) को अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को 108 से हायर सेंटर रेफर किया गया। हिमांशी, अंशिका और आरुषि की स्थिति गंभीर होने पर डीएम सोनिका ने उन्हें चंबा पुलिस लाइन के हेलीपैड से एयर लिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स पहुंचाया। बताया गया कि तीनों बेटियां 25 से 35 प्रतिशत तक झुलसी हैं। केशर सिंह, सुमित्रा देवी और आंचल को भी एंबुलेंस से एम्स पहुंचाया गया है। चंबा पुलिस लाइन हेलीपैड पहुुंची सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी ने बताया कि एम्स में भर्ती सभी लोग खतरे से बाहर हैं।
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कंडीगांव में केशर सिंह शुक्रवार सुबह करीब सात बजे गैस सिलिंडर बदलने के बाद चाय बना रहे थे। कुछ देर बाद उनकी पत्नी और चार पोतियां भी किचन में आ गई। उन्होंने किचन का दरवाजा बंद कर दिया। इस दौरान सिलिंडर से रिसाव होने का उन्हें पता नहीं चल पाया। दरवाजा बंद करने के कुछ देर बाद ही बिजली के बल्ब में ब्लास्ट हो गया और रसोईघर में आग लग गई। बच्चों की चीख पुकार सुनकर उनके पड़ोसी किराएदार ने धक्का देकर दरवाजा खोला। शोर सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया और आग से झुलसे केशर सिंह गुसाईं (73), उनकी पत्नी सुमित्रा देवी (65), पोती हिमांशी (13) पुत्री शीशपाल सिंह उर्फ बबलू, अंशिका (10), आरुषि (6) व आंचल (8) (तीनों पुत्रियां सुभाष गुसाईं) को अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को 108 से हायर सेंटर रेफर किया गया। हिमांशी, अंशिका और आरुषि की स्थिति गंभीर होने पर डीएम सोनिका ने उन्हें चंबा पुलिस लाइन के हेलीपैड से एयर लिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स पहुंचाया। बताया गया कि तीनों बेटियां 25 से 35 प्रतिशत तक झुलसी हैं। केशर सिंह, सुमित्रा देवी और आंचल को भी एंबुलेंस से एम्स पहुंचाया गया है। चंबा पुलिस लाइन हेलीपैड पहुुंची सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी ने बताया कि एम्स में भर्ती सभी लोग खतरे से बाहर हैं।
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