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Dehradun News: उत्तराखंड में 30 हजार नौकरियां, हिमाचल में वेतन कटौती
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- दोनों राज्यों की आर्थिक स्थिति में बड़ा अंतर
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सरकार का दावा है कि बीते चार साल में उत्तराखंड ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन से आर्थिक स्थिति में सुधार किया है। इसकी तुलना पड़ोसी राज्य हिमालय से करें तो आर्थिक स्थिति में अंतर दिखाई देता है। उत्तराखंड में 30 हजार सरकारी नौकरियां दी गईं। वहीं, हिमाचल को वेतन में कटौती करनी पड़ी। हिमाचल सरकार ने गंभीर वित्तीय परिस्थितियों के कारण उच्चाधिकारियों के वेतन में 20 से 30 फीसदी की कटौती की है, जो एक मई से प्रभावी होगी।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उत्तराखंड में बीते चार साल में रिकॉर्ड 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। इसके साथ ही सेवारत कर्मचारियों को भी समय पर वेतन वृद्धि और पदोन्नति जैसे सभी सेवा लाभ दिए जा रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जहां वर्ष 2024-25 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 3,81,889 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो 2021-22 के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक है। प्रति व्यक्ति आय भी 2021-22 में 1 लाख 94 हजार 670 रुपये से बढ़कर अब 2 लाख 74 हजार रुपये तक पहुंच गई है। यह राष्ट्रीय औसत 2 लाख 162 रुपये से भी अधिक है। खनन विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो 950 करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक है। इसके विपरीत, हिमाचल प्रदेश सरकार ने 18 अप्रैल को एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर उच्चाधिकारियों के वेतन में 20 से 30 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। यह कटौती एक मई से अगले छह महीने तक जारी रहेगी। शासनादेश में इसे गंभीर वित्तीय परिस्थितियों का
परिणाम बताया गया है।
आर्थिक-सामाजिक सूचकांकों में सुधार
राज्य के वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक में सुधार आया है, जो वर्ष 2021-22 में 9.7 फीसदी के मुकाबले अब घटकर 6.92 फीसदी पर आ गया है। मानव विकास सूचकांक भी 2021-22 में 0.718 फीसदी से सुधरकर 0.722 फीसदी हो गया है। ये आंकड़े राज्य की बेहतर सामाजिक स्थिति को दर्शाते हैं। इन सूचकांकों में सुधार से जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव का संकेत मिलता है।
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औद्योगिक विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा
बीते चार साल में राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों की संख्या 59,798 से बढ़कर 79,394 हो गई है। बड़ी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 107 से बढ़कर 128 तक पहुंच गई है। स्टार्टअप की संख्या भी 702 से बढ़कर 1,750 तक पहुंच गई है, जो राज्य में उद्यमिता के बढ़ते माहौल को दर्शाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। सरकार का दावा है कि बीते चार साल में उत्तराखंड ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन से आर्थिक स्थिति में सुधार किया है। इसकी तुलना पड़ोसी राज्य हिमालय से करें तो आर्थिक स्थिति में अंतर दिखाई देता है। उत्तराखंड में 30 हजार सरकारी नौकरियां दी गईं। वहीं, हिमाचल को वेतन में कटौती करनी पड़ी। हिमाचल सरकार ने गंभीर वित्तीय परिस्थितियों के कारण उच्चाधिकारियों के वेतन में 20 से 30 फीसदी की कटौती की है, जो एक मई से प्रभावी होगी।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उत्तराखंड में बीते चार साल में रिकॉर्ड 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। इसके साथ ही सेवारत कर्मचारियों को भी समय पर वेतन वृद्धि और पदोन्नति जैसे सभी सेवा लाभ दिए जा रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जहां वर्ष 2024-25 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 3,81,889 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो 2021-22 के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक है। प्रति व्यक्ति आय भी 2021-22 में 1 लाख 94 हजार 670 रुपये से बढ़कर अब 2 लाख 74 हजार रुपये तक पहुंच गई है। यह राष्ट्रीय औसत 2 लाख 162 रुपये से भी अधिक है। खनन विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो 950 करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक है। इसके विपरीत, हिमाचल प्रदेश सरकार ने 18 अप्रैल को एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर उच्चाधिकारियों के वेतन में 20 से 30 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। यह कटौती एक मई से अगले छह महीने तक जारी रहेगी। शासनादेश में इसे गंभीर वित्तीय परिस्थितियों का
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परिणाम बताया गया है।
आर्थिक-सामाजिक सूचकांकों में सुधार
राज्य के वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक में सुधार आया है, जो वर्ष 2021-22 में 9.7 फीसदी के मुकाबले अब घटकर 6.92 फीसदी पर आ गया है। मानव विकास सूचकांक भी 2021-22 में 0.718 फीसदी से सुधरकर 0.722 फीसदी हो गया है। ये आंकड़े राज्य की बेहतर सामाजिक स्थिति को दर्शाते हैं। इन सूचकांकों में सुधार से जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव का संकेत मिलता है।
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औद्योगिक विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा
बीते चार साल में राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों की संख्या 59,798 से बढ़कर 79,394 हो गई है। बड़ी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 107 से बढ़कर 128 तक पहुंच गई है। स्टार्टअप की संख्या भी 702 से बढ़कर 1,750 तक पहुंच गई है, जो राज्य में उद्यमिता के बढ़ते माहौल को दर्शाता है।