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Dehradun News: जमा स्कीम चलाने वाली 259 संस्थाएं पुलिस के रडार पर
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एसटीएफ कर रही सभी संस्थाओं की जांच, विभिन्न स्तरों पर हो रहा सत्यापन
जमा स्कीम चलाकर लोगों का धन इकट्ठा करने वाली 259 संस्थाएं और कंपनी पुलिस के रडार पर आ गई हैं। इनकी जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी गई है, जो विभिन्न स्तरों पर सत्यापन कर रही हैं। संस्थाओं की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अफसर शासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं।
बता दें कि बीते एक दशक के भीतर प्रदेश में बहुत सी ऐसी कंपनी और संस्थाएं पकड़ में आई हैं जो लोगों के करोड़ों रुपये इकट्ठा कर भाग गईं। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमे भी दर्ज किए। इनमें संस्थाओं के जिम्मेदार लोग तो पकड़े गए मगर पीड़ितों को उनका धन वापस नहीं मिल पाया। इसके लिए उत्तराखंड शासन ने भी अपना चिट फंड एक्ट बनाया था। साथ ही केंद्र के बैनिंग ऑफ अन रेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट (बड्स एक्ट) ताकि, ऐसी संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके। मगर, बात सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक ही सीमित रह जाती है।
ऐसे में लोगों को इन संस्थाओं के कुचक्र से बचाने के लिए अब इन्हें ही जांच के दायरे में लिया गया है। प्रदेश में संचालित हो रही ऐसी 259 संस्थाओं की सूची एसटीएफ को सौंपी गई है। एसटीएफ इनकी जांच के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस, पंजीकरण कार्यालय, जीएसटी व अन्य दफ्तरों में इनका सत्यापन करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इनमे से कुछेक का कामकाज संदिग्ध लगा तो इनका ऊपर के स्तर पर भी सत्यापन किया जा रहा है। कुछेक संस्थाएं बाहरी राज्यों में भी पंजीकृत हैं। ऐसे में वहां के प्रशासन से भी इनकी पड़ताल की जा रही है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस को भी दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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14 शिकायतें भी मिलीं एसटीएफ को
पिछले दिनों कुल 14 शिकायतें एसटीएफ को मिली थीं। इनमें से सात शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। जबकि, सात के संबंध में जांच चल रही है। ये शिकायतें जमा स्कीम में वादे के अनुसार धन वापस न होने से संबंधित थीं। ऐसी और भी शिकायतें एसटीएफ के पास आने की आशंका है। ऐसे में पुलिस वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान चला रही है।
आरबीआई के निर्देश पर हो रहा सत्यापन
पिछले दिनों आरबीआई के अफसरों के साथ बैठक में शासन के अधिकारी, एसटीएफ, रजिस्ट्रार, वित्त विभाग, जीएसटी और सीजीएसटी के अधिकारी शामिल थे। बैठक में आरबीआई ने नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) की गतिविधियों पर नजर रखने पर चर्चा की गई थी। ताकि, भविष्य इनसे लोगों की गाढ़ी कमाई को बचाया जा सके।
जमा स्कीम चलाने वाली संस्थाओं का एसटीएफ बड़े पैमाने पर सत्यापन और जांच कर रही है। किसी भी संस्थान की यदि गतिविधि संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से भी अपील की जाती है कि वह जमा स्कीमों में पैसे पूरी जांच पड़ताल के बाद ही लगाए। ताकि, उनकी गाढ़ी कमाई ठगों के पास जाने से बच जाए।-एपी अंशुमान, एडीजी, कानून व्यवस्था
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जमा स्कीम चलाकर लोगों का धन इकट्ठा करने वाली 259 संस्थाएं और कंपनी पुलिस के रडार पर आ गई हैं। इनकी जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी गई है, जो विभिन्न स्तरों पर सत्यापन कर रही हैं। संस्थाओं की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अफसर शासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं।
बता दें कि बीते एक दशक के भीतर प्रदेश में बहुत सी ऐसी कंपनी और संस्थाएं पकड़ में आई हैं जो लोगों के करोड़ों रुपये इकट्ठा कर भाग गईं। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमे भी दर्ज किए। इनमें संस्थाओं के जिम्मेदार लोग तो पकड़े गए मगर पीड़ितों को उनका धन वापस नहीं मिल पाया। इसके लिए उत्तराखंड शासन ने भी अपना चिट फंड एक्ट बनाया था। साथ ही केंद्र के बैनिंग ऑफ अन रेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट (बड्स एक्ट) ताकि, ऐसी संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके। मगर, बात सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक ही सीमित रह जाती है।
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ऐसे में लोगों को इन संस्थाओं के कुचक्र से बचाने के लिए अब इन्हें ही जांच के दायरे में लिया गया है। प्रदेश में संचालित हो रही ऐसी 259 संस्थाओं की सूची एसटीएफ को सौंपी गई है। एसटीएफ इनकी जांच के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस, पंजीकरण कार्यालय, जीएसटी व अन्य दफ्तरों में इनका सत्यापन करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि इनमे से कुछेक का कामकाज संदिग्ध लगा तो इनका ऊपर के स्तर पर भी सत्यापन किया जा रहा है। कुछेक संस्थाएं बाहरी राज्यों में भी पंजीकृत हैं। ऐसे में वहां के प्रशासन से भी इनकी पड़ताल की जा रही है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस को भी दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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14 शिकायतें भी मिलीं एसटीएफ को
पिछले दिनों कुल 14 शिकायतें एसटीएफ को मिली थीं। इनमें से सात शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। जबकि, सात के संबंध में जांच चल रही है। ये शिकायतें जमा स्कीम में वादे के अनुसार धन वापस न होने से संबंधित थीं। ऐसी और भी शिकायतें एसटीएफ के पास आने की आशंका है। ऐसे में पुलिस वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान चला रही है।
आरबीआई के निर्देश पर हो रहा सत्यापन
पिछले दिनों आरबीआई के अफसरों के साथ बैठक में शासन के अधिकारी, एसटीएफ, रजिस्ट्रार, वित्त विभाग, जीएसटी और सीजीएसटी के अधिकारी शामिल थे। बैठक में आरबीआई ने नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) की गतिविधियों पर नजर रखने पर चर्चा की गई थी। ताकि, भविष्य इनसे लोगों की गाढ़ी कमाई को बचाया जा सके।
जमा स्कीम चलाने वाली संस्थाओं का एसटीएफ बड़े पैमाने पर सत्यापन और जांच कर रही है। किसी भी संस्थान की यदि गतिविधि संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से भी अपील की जाती है कि वह जमा स्कीमों में पैसे पूरी जांच पड़ताल के बाद ही लगाए। ताकि, उनकी गाढ़ी कमाई ठगों के पास जाने से बच जाए।-एपी अंशुमान, एडीजी, कानून व्यवस्था