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स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई दिशा व संकल्पों का वर्ष होगा 2026 : मंत्री
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- कहा, नए वर्ष की कार्ययोजना बनाकर निर्धारित लक्ष्यों को करें हासिल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नववर्ष 2026 उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई दिशा और नए संकल्पों का वर्ष होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मंत्री रावत ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा। इसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का विधिवत संचालन शुरू होगा। जिससे प्रदेश के युवाओं को मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही आम लोगों को मेडिकल कॉलेजों से संबंद्ध चिकित्सालयों में बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर भी स्थापित कर दिया जाएगा।
प्रदेशभर के सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में एक जनवरी से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू होगी। नये वर्ष में प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए पृथक कैडर भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तैनात मेडिकल फैकल्टी के लिए पृथक स्थानांतरण नीति भी बनाई जाएगी।
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बड़े स्तर पर होगी मेडिकल स्टॉफ की भर्ती
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकों सहित मेडिकल स्टॉफ की बड़े स्तर पर भर्ती होगी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चिकित्साधिकारियों के रिक्त 287 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। नर्सिंग अधिकारी के रिक्त 103, डेंटल हाईजिनिस्ट 30, एएनएम 180 पदों पर भर्ती की जाएगी। नर्सिंग अधिकारियों के 587 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आउटसोर्स के माध्यम से प्रत्येक चिकित्सा इकाई में लगभग 2000 वार्ड ब्वॉय की भी भर्ती की जाएगी। मंत्री डॉ. रावत ने बताया क हर जिले की अलग कार्ययोजना बनाई जाएगी। मरीजों के भोजन की गुणवत्ता के लिए मैन्यू तैयार होगा। जिन चिकित्सा इकाइयों का उच्चीकरण प्रस्तावित है, उन्हें शीघ्र ही उच्चीकृत किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नववर्ष 2026 उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई दिशा और नए संकल्पों का वर्ष होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मंत्री रावत ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा। इसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का विधिवत संचालन शुरू होगा। जिससे प्रदेश के युवाओं को मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही आम लोगों को मेडिकल कॉलेजों से संबंद्ध चिकित्सालयों में बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर भी स्थापित कर दिया जाएगा।
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प्रदेशभर के सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में एक जनवरी से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू होगी। नये वर्ष में प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए पृथक कैडर भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तैनात मेडिकल फैकल्टी के लिए पृथक स्थानांतरण नीति भी बनाई जाएगी।
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बड़े स्तर पर होगी मेडिकल स्टॉफ की भर्ती
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकों सहित मेडिकल स्टॉफ की बड़े स्तर पर भर्ती होगी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चिकित्साधिकारियों के रिक्त 287 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। नर्सिंग अधिकारी के रिक्त 103, डेंटल हाईजिनिस्ट 30, एएनएम 180 पदों पर भर्ती की जाएगी। नर्सिंग अधिकारियों के 587 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आउटसोर्स के माध्यम से प्रत्येक चिकित्सा इकाई में लगभग 2000 वार्ड ब्वॉय की भी भर्ती की जाएगी। मंत्री डॉ. रावत ने बताया क हर जिले की अलग कार्ययोजना बनाई जाएगी। मरीजों के भोजन की गुणवत्ता के लिए मैन्यू तैयार होगा। जिन चिकित्सा इकाइयों का उच्चीकरण प्रस्तावित है, उन्हें शीघ्र ही उच्चीकृत किया जाएगा।