{"_id":"5cdd8852bdec220774413f2b","slug":"201558022226-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विराजेंगे भगवान मद्महेश्वर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विराजेंगे भगवान मद्महेश्वर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के धाम प्रस्थान की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आज शुक्रवार को पंचकेदार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा मद्महेश्वर की भोगमूर्ति को गर्भगृह से मंदिर परिसर में विराजमान किया जाएगा, जहां स्थानीय महिलाओं द्वारा आराध्य को नए अनाज का भोग तैयार कर छाबड़ी लगाई जाएगी। बाबा मद्महेश्वर धाम के कपाट 21 मई को सुबह 10 बजे विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे।
भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली 19 मई को अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी। डोली प्रथम पड़ाव पर रांसी व द्वितीय पड़ाव पर 20 मई को गौंडार गांव पहुंचेगी। इधर, बाबा की डोली के धाम प्रस्थान की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को प्रात: 8 बजे पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मद्महेश्वर की विशेष पूजा की जाएगी। धाम के लिए नियुक्त पुजारी बागेश लिंग द्वारा आराध्य की भोगमूर्ति को गर्भगृह से मंदिर परिसर में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद यहां पर डंगवाड़ी, बंजपाणी, उदयपुर, ब्राह्मणखोली गांव की महिलाओं द्वारा आराध्य को नए अनाज के भोग की छाबड़ी लगाई जाएगी। भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। 18 मई को भी बाबा की डोली मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी, जबकि 19 मई को विधि विधान के साथ ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग और धाम के लिए नियुक्त पुजारी द्वारा बाबा की डोली का श्रृंगार कर भोग लगाया जाएगा। इसके बाद डोली अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी। घाटी के कई गांवों से होते हुए डोली रात्रि प्रवास को रांसी पहुंचेगी, जहां राकेश्वरी देवी मंदिर में रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 20 मई को सुबह विशेष पूजा के बाद डोली धाम के लिए प्रस्थान करेगी।
विज्ञापन
भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली 19 मई को अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी। डोली प्रथम पड़ाव पर रांसी व द्वितीय पड़ाव पर 20 मई को गौंडार गांव पहुंचेगी। इधर, बाबा की डोली के धाम प्रस्थान की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को प्रात: 8 बजे पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मद्महेश्वर की विशेष पूजा की जाएगी। धाम के लिए नियुक्त पुजारी बागेश लिंग द्वारा आराध्य की भोगमूर्ति को गर्भगृह से मंदिर परिसर में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद यहां पर डंगवाड़ी, बंजपाणी, उदयपुर, ब्राह्मणखोली गांव की महिलाओं द्वारा आराध्य को नए अनाज के भोग की छाबड़ी लगाई जाएगी। भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। 18 मई को भी बाबा की डोली मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी, जबकि 19 मई को विधि विधान के साथ ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग और धाम के लिए नियुक्त पुजारी द्वारा बाबा की डोली का श्रृंगार कर भोग लगाया जाएगा। इसके बाद डोली अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी। घाटी के कई गांवों से होते हुए डोली रात्रि प्रवास को रांसी पहुंचेगी, जहां राकेश्वरी देवी मंदिर में रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 20 मई को सुबह विशेष पूजा के बाद डोली धाम के लिए प्रस्थान करेगी।
विज्ञापन