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सड़क दुर्घटनाओं में 60 फीसदी चोटें होती हैं सिर की दून मेडिकल काले
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सड़क दुर्घटनाओं में 60 फीसदी चोटें सिर की होती हैं। यह कहना है दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ.प्रदीप भारती गुप्ता का। वह कॉलेज में वर्ल्ड हेड इंजरी अवेयरनेस डे पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में हर साल चोट लगने से दो लाख लोगों की मौत हो रही है। इसमें से एक लाख मौतों की वजह सिर की चोट है।
मंगलवार को डॉ.गुप्ता ने कहा कि लोगों को जागरूक कर सिर की चोट से बचाया जा सकता है। दो पहिया वाहन चालक हेलमेट एवं कार चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करें तो दुर्घटनाएं काफी कम की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों में साइकिल चलाने पर भी हेलमेट आवश्यक किया गया है। इसके अलावा जिन घरों में वृद्ध रहते हैं, वहां ठोकर लगने की संभावनाओं वाले स्थान एवं फिसलने वाले फर्श स्नानघर में नहीं बनाने चाहिए। कार्यशाला में डॉ.देशदीप पाठक, डॉ.भोला नाथ, डॉ.अंकिता जुयाल, केएस रावत, देवेंद्र सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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सड़क दुर्घटनाओं में 60 फीसदी चोटें सिर की होती हैं। यह कहना है दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ.प्रदीप भारती गुप्ता का। वह कॉलेज में वर्ल्ड हेड इंजरी अवेयरनेस डे पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में हर साल चोट लगने से दो लाख लोगों की मौत हो रही है। इसमें से एक लाख मौतों की वजह सिर की चोट है।
मंगलवार को डॉ.गुप्ता ने कहा कि लोगों को जागरूक कर सिर की चोट से बचाया जा सकता है। दो पहिया वाहन चालक हेलमेट एवं कार चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करें तो दुर्घटनाएं काफी कम की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों में साइकिल चलाने पर भी हेलमेट आवश्यक किया गया है। इसके अलावा जिन घरों में वृद्ध रहते हैं, वहां ठोकर लगने की संभावनाओं वाले स्थान एवं फिसलने वाले फर्श स्नानघर में नहीं बनाने चाहिए। कार्यशाला में डॉ.देशदीप पाठक, डॉ.भोला नाथ, डॉ.अंकिता जुयाल, केएस रावत, देवेंद्र सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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