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87 वर्षीया बुजुर्ग ने देहदान कर पेश की अनूठी मिसाल
Updated Sun, 21 Oct 2018 02:20 AM IST
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देहदान कर गईं सुषमा नियोगी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दुनिया में तमाम ऐसे इंसान होते हैं जो दुनिया से जाने के बाद भी अपना नाम कर जाते हैं। ऐसे लोग मिसाल बन जाते है। ऐसा ही मामला राजधानी में सामने आया है। 87 वर्षीय एक महिला की इच्छा के अनुसार उसकी मृत्यु के बाद शनिवार को परिजनों ने उनका शव दून मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने बुजुर्ग महिला के इस कदम को प्रेरणादायी बताया है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुप्ता के मुताबिक राजधानी के डिफेंस कॉलोनी निवासी सुषमा नियोगी (87) पुत्री नरेंद्रनाथ नियोगी ने परिजनोें के समक्ष मौत के बाद अपने पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान करने की इच्छा जताई थी। शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई। उनके भतीजे तुषार बनर्जी ने पार्थिव शरीर दून मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दुनिया में तमाम ऐसे इंसान होते हैं जो दुनिया से जाने के बाद भी अपना नाम कर जाते हैं। ऐसे लोग मिसाल बन जाते है। ऐसा ही मामला राजधानी में सामने आया है। 87 वर्षीय एक महिला की इच्छा के अनुसार उसकी मृत्यु के बाद शनिवार को परिजनों ने उनका शव दून मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने बुजुर्ग महिला के इस कदम को प्रेरणादायी बताया है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुप्ता के मुताबिक राजधानी के डिफेंस कॉलोनी निवासी सुषमा नियोगी (87) पुत्री नरेंद्रनाथ नियोगी ने परिजनोें के समक्ष मौत के बाद अपने पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान करने की इच्छा जताई थी। शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई। उनके भतीजे तुषार बनर्जी ने पार्थिव शरीर दून मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया।
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