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शबद कीर्तन से संगत को किया निहाल
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अमृतसर के सहयोग से रविवार को श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व कथा कीर्तन के साथ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुभाष रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक निवास पर आयोजित कार्यक्रम में नितनेम के बाद सुखवंत सिंह हजूरी रागी ने शबद वाह वाह गोविंद सिंह आप गुरु चेला, देवेंद्र सिंह ने चित चितवो अरदास करो, सतवंत सिंह ने प्रभजू तौ कै ह लाज हमारी, सिमरन जीत सिंह ने पंथ चले तब जगत में जब तुम करो सहाय के गायन से संगतों को निहाल किया।
इस मौके पर हेड ग्रंथी शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु जी ने अमृत छका कर ऊंच-नीच के भेदभाव को खत्म कर दिया। उन्होंने सभी से गुरु के बताए रास्ते पर चलते का आह्वान किया। जत्थेदार बाबा निहाल सिंह ने कहा कि गुरुवाणी के पाठ से तन और मन निर्मल हो जाता है। परमात्मा की प्राप्ति प्रेम से होती है, कर्मकांडों से नहीं। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जमकर लंगर छका। मौके पर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजन, गुलजार सिंह, जगमिंद्र सिंह छाबड़ा, गुरमीत सिंह दुग्गल, सुरजीत सिंह, मनजीत सिंह, गुरुचरण सिंह वासु सुखदेव सिंह, चरण सिंह, ईश्वर सिंह, गुरमीत सिंह, कलेर, चरणजीत सिंह, दीदार सिंह, जीएस वाली, राजेंद्र सिंह राजा, अरविंदर सिंह मौजूद रहे।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अमृतसर के सहयोग से रविवार को श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व कथा कीर्तन के साथ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुभाष रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक निवास पर आयोजित कार्यक्रम में नितनेम के बाद सुखवंत सिंह हजूरी रागी ने शबद वाह वाह गोविंद सिंह आप गुरु चेला, देवेंद्र सिंह ने चित चितवो अरदास करो, सतवंत सिंह ने प्रभजू तौ कै ह लाज हमारी, सिमरन जीत सिंह ने पंथ चले तब जगत में जब तुम करो सहाय के गायन से संगतों को निहाल किया।
इस मौके पर हेड ग्रंथी शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु जी ने अमृत छका कर ऊंच-नीच के भेदभाव को खत्म कर दिया। उन्होंने सभी से गुरु के बताए रास्ते पर चलते का आह्वान किया। जत्थेदार बाबा निहाल सिंह ने कहा कि गुरुवाणी के पाठ से तन और मन निर्मल हो जाता है। परमात्मा की प्राप्ति प्रेम से होती है, कर्मकांडों से नहीं। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जमकर लंगर छका। मौके पर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजन, गुलजार सिंह, जगमिंद्र सिंह छाबड़ा, गुरमीत सिंह दुग्गल, सुरजीत सिंह, मनजीत सिंह, गुरुचरण सिंह वासु सुखदेव सिंह, चरण सिंह, ईश्वर सिंह, गुरमीत सिंह, कलेर, चरणजीत सिंह, दीदार सिंह, जीएस वाली, राजेंद्र सिंह राजा, अरविंदर सिंह मौजूद रहे।
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