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‘भगवान का प्रेम वाला स्वरूप है राधा’
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। विश्व जागृति मिशन के अपर तुनवाला स्थित आनंद देव लोक आश्रम में रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। वीडियो प्राजेक्ट से प्रवचन देते हुए आचार्य सुधांशु महाराज ने कहा कि भगवान का प्रेम वाला स्वरूप ही राधा है। इसीलिए श्रीकृष्ण और राधा दोनों की पूजा करने पर कृपा प्राप्त हो सकती है। भगवान से भौतिक वस्तुओं के बजाए आध्यात्मिक कृपा मांगनी चाहिए। जीवन में सबसे बड़ा असंतोष है। संतोष के समक्ष सभी धन फीके पड़ जाते है। उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी निर्धनता पर ही संतुष्ट था इस संतोष धन के कारण भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा के चरण स्वयं अपने हाथों से धुलकर अपना आसन दिया। इस अवसर पर प्रधान सुधीर शर्मा, अमर नाथ आहुजा, भूपेंद्र भाटिया, सुरेंद्र बागला, ओम प्रकाश गुप्ता, सीमा आंनद सिंह, गंगाधर जोशी, सुषमा भाटिया, शशी शर्मा, विजेंद्र सिंह वालिया, अश्वनी खुराना आदि मौजूद रहे।
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देहरादून। विश्व जागृति मिशन के अपर तुनवाला स्थित आनंद देव लोक आश्रम में रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। वीडियो प्राजेक्ट से प्रवचन देते हुए आचार्य सुधांशु महाराज ने कहा कि भगवान का प्रेम वाला स्वरूप ही राधा है। इसीलिए श्रीकृष्ण और राधा दोनों की पूजा करने पर कृपा प्राप्त हो सकती है। भगवान से भौतिक वस्तुओं के बजाए आध्यात्मिक कृपा मांगनी चाहिए। जीवन में सबसे बड़ा असंतोष है। संतोष के समक्ष सभी धन फीके पड़ जाते है। उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी निर्धनता पर ही संतुष्ट था इस संतोष धन के कारण भगवान श्री कृष्ण ने सुदामा के चरण स्वयं अपने हाथों से धुलकर अपना आसन दिया। इस अवसर पर प्रधान सुधीर शर्मा, अमर नाथ आहुजा, भूपेंद्र भाटिया, सुरेंद्र बागला, ओम प्रकाश गुप्ता, सीमा आंनद सिंह, गंगाधर जोशी, सुषमा भाटिया, शशी शर्मा, विजेंद्र सिंह वालिया, अश्वनी खुराना आदि मौजूद रहे।