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सड़कों पर जाम, ऑफिस में होता रहा यातायात सुधार पर मंथन
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर मंगलवार को जिला स्तर से लेकर पुलिस हेड क्वाटर (पीएचक्यू) तक तीन बैठकें हुईं। इसके चलते सड़क से पुलिस नदारद रही और कई जगह लोग जाम से जूझते रहे।
यातायात व्यवस्था को लेकर निदेशालय स्तर से सुधार की कार्य योजनाएं बनने में कमी नहीं है, लेकिन सड़कों पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। नतीजतन लोगों को जाम से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर मंगलवार को एक नहीं तीन-तीन बैठकें हुईं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में जिला स्तर पर कई योजनाएं बनीं। मुख्यालय पर डीजीपी और एडीजी कानून व्यवस्था ने दो दौर की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक के दौरान अधिकारी योजना बनाने में मशगूल रहे। इस बीच शहर के कई इलाकों में रुक-रुक जाम लगता रहा। सहारनपुर चौक पर जाम रोजमर्रा की नियति बन गया है। हरिद्वार रोड, दून अस्पताल चौक पर लोगों को अक्सर लंबे जाम से जूझना पड़ता है। मंगलवार को यहां जाम खुलवाने के लिए कोई नहीं था। कुछ चौराहों पर अफसरों की गाड़ियाें के हूटर बजे तो कोने में छिपे यातायात पुलिस कर्मियों की उपस्थिति नजर आई। आलम यह है कि जाम का सबसे ज्यादा दबाव दून अस्पताल के आसपास है, यहीं पर सीओ, डीआईजी और कई बड़े अधिकारियों के कार्यालय हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। दरअसल पीक ऑवर में पुलिस को सड़क पर उतारने के अधिकारियों के दावों में कमी नहीं है, लेकिन हकीकत में चौराहों पर थाना व चौकी प्रभारी तो दूर कांस्टेबल भी नहीं पहुंच रहे हैं।
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यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर मंगलवार को जिला स्तर से लेकर पुलिस हेड क्वाटर (पीएचक्यू) तक तीन बैठकें हुईं। इसके चलते सड़क से पुलिस नदारद रही और कई जगह लोग जाम से जूझते रहे।
यातायात व्यवस्था को लेकर निदेशालय स्तर से सुधार की कार्य योजनाएं बनने में कमी नहीं है, लेकिन सड़कों पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। नतीजतन लोगों को जाम से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर मंगलवार को एक नहीं तीन-तीन बैठकें हुईं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में जिला स्तर पर कई योजनाएं बनीं। मुख्यालय पर डीजीपी और एडीजी कानून व्यवस्था ने दो दौर की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक के दौरान अधिकारी योजना बनाने में मशगूल रहे। इस बीच शहर के कई इलाकों में रुक-रुक जाम लगता रहा। सहारनपुर चौक पर जाम रोजमर्रा की नियति बन गया है। हरिद्वार रोड, दून अस्पताल चौक पर लोगों को अक्सर लंबे जाम से जूझना पड़ता है। मंगलवार को यहां जाम खुलवाने के लिए कोई नहीं था। कुछ चौराहों पर अफसरों की गाड़ियाें के हूटर बजे तो कोने में छिपे यातायात पुलिस कर्मियों की उपस्थिति नजर आई। आलम यह है कि जाम का सबसे ज्यादा दबाव दून अस्पताल के आसपास है, यहीं पर सीओ, डीआईजी और कई बड़े अधिकारियों के कार्यालय हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। दरअसल पीक ऑवर में पुलिस को सड़क पर उतारने के अधिकारियों के दावों में कमी नहीं है, लेकिन हकीकत में चौराहों पर थाना व चौकी प्रभारी तो दूर कांस्टेबल भी नहीं पहुंच रहे हैं।
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