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नहीं सुधर रही नारी निकेतन की व्यवस्था
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून। संवासिनियों की तबीयत खराब होने पर बृहस्पतिवार को बाल संरक्षण आयोग की सचिव कामिनी गुप्ता नारी निकेतन का निरीक्षण करने पहुंची तो कई खामियां उजागर हुई। किचन का पानी खुले में बहे रहा था। परिसर में झाड़ियां खड़ी थीं। अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया तो वह शासन-प्रशासन की खामियां गिनाने लगे। इस पर सचिव ने फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं को जल्द पटरी पर लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मौजूद नारी निकेतन के कर्मचारियों ने बताया कि सालों से यहां रंगाई-पुताई नहीं हुई है। स्वास्थ्य की जांच के लिए कोई फिजीशियन नहीं है। किसी संवासिनी की तबीयत खराब हो जाती है तो उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहन नहीं है। इस पर आयोग सचिव ने जल्द व्यवस्थाओं को ठीक करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि नारी निकेतन में व्यवस्थाओं में सुधार होने के अधिकारियों से लेकर मंत्री तक दावे कर चुके हैं। बावजूद इसके सुधार नहीं हो रहा है। ताजा मामला हाल ही में नारी निकेतन में बीमार हुई 28 संवासिनियों से जुड़ा है। इसमें भी स्टाफ की लापरवाही सामने आ रही हैं। भोजन और रहन-सहन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भोजन में उन्हें नियमानुसार पौष्टिक आहार ही नहीं दिया जा रहा है।
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निरीक्षण के दौरान मौजूद नारी निकेतन के कर्मचारियों ने बताया कि सालों से यहां रंगाई-पुताई नहीं हुई है। स्वास्थ्य की जांच के लिए कोई फिजीशियन नहीं है। किसी संवासिनी की तबीयत खराब हो जाती है तो उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहन नहीं है। इस पर आयोग सचिव ने जल्द व्यवस्थाओं को ठीक करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि नारी निकेतन में व्यवस्थाओं में सुधार होने के अधिकारियों से लेकर मंत्री तक दावे कर चुके हैं। बावजूद इसके सुधार नहीं हो रहा है। ताजा मामला हाल ही में नारी निकेतन में बीमार हुई 28 संवासिनियों से जुड़ा है। इसमें भी स्टाफ की लापरवाही सामने आ रही हैं। भोजन और रहन-सहन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भोजन में उन्हें नियमानुसार पौष्टिक आहार ही नहीं दिया जा रहा है।
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