फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   केवल एनसीईआरटी किताबें पढ़ाने के विरोध में उतरे स्कूल

केवल एनसीईआरटी किताबें पढ़ाने के विरोध में उतरे स्कूल

Tue, 20 Mar 2018 02:39 AM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:39 AM IST
विज्ञापन
केवल एनसीईआरटी किताबें पढ़ाने के विरोध में उतरे स्कूल
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन

सभी निजी विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने के विरोध में स्कूलों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव से वार्ता की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से सकारात्मक वार्ता के बावजूद शिक्षा विभाग से नियम लागू कराने के पत्र आ रहे हैं। अगर स्कूलों को इस नियम से राहत न दी गई तो सभी स्कूल 15 दिन के लिए बंद कर दिए जाएंगे। हालांकि विद्यालयी शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर औलख ने उन्हें सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस साल विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने यह घोषणा की है कि किसी भी निजी स्कूल में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। अगर किसी विद्यालय में प्राइवेट पब्लिशर की पुस्तकें पढ़ाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस नियम के विरोध में प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन (पीपीएसए) के बैनर तले सभी निजी स्कूल एकजुट हो गए। उन्होंने बीते सप्ताह शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से वार्ता की। पीपीएसए के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने सोमवार तक उन्हें राहत देने की बात की थी लेकिन इस बीच जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से दो पत्र जारी कर दिए गए हैं। इन पत्रों में खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह स्कूलों में जाकर यह जांचें कि कहीं प्राइवेट किताबें तो नहीं पढ़ाई जा रही हैं। अगर ऐसा हो रहा है तो उसकी रिपोर्ट तत्काल भेजें, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को जब पीपीएसए के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर औलख से वार्ता की तो उन्होंने यह मुद्दा भी उनके सामने उठाया। शिक्षा सचिव ने स्कूलों की पूरी बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वह जल्द ही शिक्षा मंत्री से इस बाबत वार्ता करेंगी।
विज्ञापन

उधर, प्रेम कश्यप का कहना है कि 22 मार्च को रिजल्ट जारी करने के बाद सभी स्कूल नए सत्र के लिए किताबों की सूची भी अभिभावकों को दे देते हैं। अगर नियम में राहत न मिली तो वह सूची नहीं दे पाएंगे। इस वजह से सभी स्कूल 15 दिन के लिए बंद भी किए जा सकते हैं। हालांकि अभी पीपीएसए सरकार के रुख का इंतजार कर रहा है। सचिव से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में रमेश बत्ता, अजीत राना सहित विभिन्न स्कूलों के मालिक शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed