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काली पट्टी बांधकर जीएसटी का विरोध
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
महानगर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए जिस जीएसटी प्रणाली का विरोध 8 प्रतिशत टैक्स पर किया था। आज उसी जीएसटी प्रणाली को 28 प्रतिशत तक बढ़ाकर जबरदस्ती व्यापारियों को थोपकर तानाशाही की जा रही है। नोटबंदी के बाद से अब तक पूरे देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चौपट पड़ी है।
ललतारौ पुल पर महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने व्यापारियों के साथ धोखा किया। स्वयं को व्यापारियों का हितैषी बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापारियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में कांग्रेस के कार्यकाल में विपक्ष में बैठकर भाजपाई विरोध करते थे, लेकिन अब 28 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दी गई है। अब यह हिटलरशाही फरमान थोपकर जता दिया कि वह हिंदुस्तान से व्यापारियों को भगाना चाहते हैं। स्वदेशी का राग अलापने वाले देश के प्रधानमंत्री विदेशी कंपनियों को यहां स्थापित कर विदेशी व्यापार को भारत में बढ़ाना चाहते हैं। ज्वालापुर के महामंत्री संजय अग्रवाल और शहर अध्यक्ष हरिद्वार तेजप्रकाश साहू ने कहा कि जीएसटी प्रणाली में कई कमियां हैं जिससे व्यापारी का शोषण होगा। विरोध जताने वालों में मुख्य रूप से शंभूनाथ शर्मा, संजीव सिंघल, दीपक पांडे, तरुण व्यास, राहुल चौहान, जितेंद्र सिंह, अंकुश शर्मा, मनीष जैन, सुभाष ठक्कर, नवीन शर्मा, नरेश जोशी, संजय गुप्ता, कपिल शर्मा, अरुण शर्मा, अनिल अग्रवाल, एसएन तिवारी, चंद्रमोहन शर्मा, विनोद गिरि, दीपक मेहता, विनोद बत्रा, नीरज अरोड़ा, पंकज सुखीजा, हन्नी अरोड़ा, सुभाष शर्मा, अजय वाधवा, पूरण पांडे, पंकज सुखीजा, दिनेश गिरि, राजेंद्र पाल, सुनील तलवार, मनोज उपाध्याय आदि शामिल रहे।
उद्योगपतियों की है केंद्र सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आह्वान पर संयुक्त व्यापार मंडल के व्यापारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने की केंद्र सरकार के खिलाफ ललतारौ पुल पर प्रदर्शन किया।
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इस मौके पर संजीव नैयर और शिव कुमार कश्यप ने कहा कि जीएसटी को लागू करना व्यापारियों के हित में नहीं है। यह सिर्फ चुनिंदा उद्योगपतियों का फायदा पहुंचाने वाला है। इसके लागू होने से महंगाई को बढ़ेगी छोटे व मध्यम वर्ग के लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। संदीप शर्मा ने कहा कि व्यापारी हित की बात करने वाली केंद्र सरकार के सारे निर्णय छोटे व मध्यम व्यापारी के खिलाफ हैं। कैलाश केसवानी ने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने का फरमान जारी किया है। वह व्यापारियों के लिए कई समस्याएं उत्पन्न करेगा। सरकार ने व्यापारियों को सिर्फ टैक्स वसूलने की मशीन समझ लिया है। इस मौके पर प्रदीप चौधरी, कमल बृजवासी, सुरेश गुलाटी, संजय अग्रवाल, संदीप शर्मा, अजय जैन, सुरेंद्र जैन, मनोज सिंघल, मुकेश भार्गव, सुरेश बंसल, राकेश खन्ना, हरीश शर्मा, राजकुमार गुप्ता, पंकज टंडन, प्रदीप, अनुज तोमर, प्रद्युम्न अग्रवाल, महेंद्र अरोड़ा, राजन कौशिक, अरुण राघव, संजय गोयल, गुलशन अरोड़ा, आदि शामिल रहे।
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हरिद्वार।
महानगर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए जिस जीएसटी प्रणाली का विरोध 8 प्रतिशत टैक्स पर किया था। आज उसी जीएसटी प्रणाली को 28 प्रतिशत तक बढ़ाकर जबरदस्ती व्यापारियों को थोपकर तानाशाही की जा रही है। नोटबंदी के बाद से अब तक पूरे देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चौपट पड़ी है।
ललतारौ पुल पर महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने व्यापारियों के साथ धोखा किया। स्वयं को व्यापारियों का हितैषी बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापारियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में कांग्रेस के कार्यकाल में विपक्ष में बैठकर भाजपाई विरोध करते थे, लेकिन अब 28 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दी गई है। अब यह हिटलरशाही फरमान थोपकर जता दिया कि वह हिंदुस्तान से व्यापारियों को भगाना चाहते हैं। स्वदेशी का राग अलापने वाले देश के प्रधानमंत्री विदेशी कंपनियों को यहां स्थापित कर विदेशी व्यापार को भारत में बढ़ाना चाहते हैं। ज्वालापुर के महामंत्री संजय अग्रवाल और शहर अध्यक्ष हरिद्वार तेजप्रकाश साहू ने कहा कि जीएसटी प्रणाली में कई कमियां हैं जिससे व्यापारी का शोषण होगा। विरोध जताने वालों में मुख्य रूप से शंभूनाथ शर्मा, संजीव सिंघल, दीपक पांडे, तरुण व्यास, राहुल चौहान, जितेंद्र सिंह, अंकुश शर्मा, मनीष जैन, सुभाष ठक्कर, नवीन शर्मा, नरेश जोशी, संजय गुप्ता, कपिल शर्मा, अरुण शर्मा, अनिल अग्रवाल, एसएन तिवारी, चंद्रमोहन शर्मा, विनोद गिरि, दीपक मेहता, विनोद बत्रा, नीरज अरोड़ा, पंकज सुखीजा, हन्नी अरोड़ा, सुभाष शर्मा, अजय वाधवा, पूरण पांडे, पंकज सुखीजा, दिनेश गिरि, राजेंद्र पाल, सुनील तलवार, मनोज उपाध्याय आदि शामिल रहे।
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उद्योगपतियों की है केंद्र सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आह्वान पर संयुक्त व्यापार मंडल के व्यापारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने की केंद्र सरकार के खिलाफ ललतारौ पुल पर प्रदर्शन किया।
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इस मौके पर संजीव नैयर और शिव कुमार कश्यप ने कहा कि जीएसटी को लागू करना व्यापारियों के हित में नहीं है। यह सिर्फ चुनिंदा उद्योगपतियों का फायदा पहुंचाने वाला है। इसके लागू होने से महंगाई को बढ़ेगी छोटे व मध्यम वर्ग के लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। संदीप शर्मा ने कहा कि व्यापारी हित की बात करने वाली केंद्र सरकार के सारे निर्णय छोटे व मध्यम व्यापारी के खिलाफ हैं। कैलाश केसवानी ने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने का फरमान जारी किया है। वह व्यापारियों के लिए कई समस्याएं उत्पन्न करेगा। सरकार ने व्यापारियों को सिर्फ टैक्स वसूलने की मशीन समझ लिया है। इस मौके पर प्रदीप चौधरी, कमल बृजवासी, सुरेश गुलाटी, संजय अग्रवाल, संदीप शर्मा, अजय जैन, सुरेंद्र जैन, मनोज सिंघल, मुकेश भार्गव, सुरेश बंसल, राकेश खन्ना, हरीश शर्मा, राजकुमार गुप्ता, पंकज टंडन, प्रदीप, अनुज तोमर, प्रद्युम्न अग्रवाल, महेंद्र अरोड़ा, राजन कौशिक, अरुण राघव, संजय गोयल, गुलशन अरोड़ा, आदि शामिल रहे।