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गरीबों के राशन पर अफसरों का डाका
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
इतनी सख्ती के बावजूद जिले में राशन की कालाबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। कार्ड धारकों के साथ होने वाली घटतौली खाद्य विभाग के गोदाम से ही शुरू हो जाती है। राशन डीलरों का आरोप है कि गोदाम से प्रति बोरी दो से तीन किलो गेहूं और चावल का कम वितरण किया जा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी घटतौली रुकने का नाम नहीं ले रही है।
सोमवार को उत्तराखंड उचित दर राशन विक्रेता एसोसिएशन के जिला महासचिव हेमंत अग्रवाल ने गोदाम के एसएमआई कैलाश चंद्र पांडे पर डीलरों को कम राशन वितरित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह से डीलरों को प्रति बोरी एक किलो चावल और दो किलो गेहूं कम वितरित किया जा रहा है। कई बार इसकी शिकायत करने के भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि गोदाम से गेहूं की बोरी तौल कर देने के स्थान पर गिनकर दी जा रही है और एक बोरी 51-52 किलो की बताई जा रही है, लेकिन हकीकत में उसका वजन 48-49 किलो ही मिल रहा है। इस कारण राशन डीलरों को कार्डधारकों के राशन में कटौती करनी पड़ रही है।
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राशन डीलरों को बोरियां गोदाम से तौल कर दी जाती हैं। ऐसे में राशन कम देने का सवाल ही नहीं है। अब बीच में कोई राशन कम कर दे तो इसकी जिम्मेदारी गोदाम की नहीं है।
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- कैलाश चंद्र पांडे, एसएमआई, गोदाम
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इतनी सख्ती के बावजूद जिले में राशन की कालाबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। कार्ड धारकों के साथ होने वाली घटतौली खाद्य विभाग के गोदाम से ही शुरू हो जाती है। राशन डीलरों का आरोप है कि गोदाम से प्रति बोरी दो से तीन किलो गेहूं और चावल का कम वितरण किया जा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी घटतौली रुकने का नाम नहीं ले रही है।
सोमवार को उत्तराखंड उचित दर राशन विक्रेता एसोसिएशन के जिला महासचिव हेमंत अग्रवाल ने गोदाम के एसएमआई कैलाश चंद्र पांडे पर डीलरों को कम राशन वितरित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह से डीलरों को प्रति बोरी एक किलो चावल और दो किलो गेहूं कम वितरित किया जा रहा है। कई बार इसकी शिकायत करने के भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि गोदाम से गेहूं की बोरी तौल कर देने के स्थान पर गिनकर दी जा रही है और एक बोरी 51-52 किलो की बताई जा रही है, लेकिन हकीकत में उसका वजन 48-49 किलो ही मिल रहा है। इस कारण राशन डीलरों को कार्डधारकों के राशन में कटौती करनी पड़ रही है।
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राशन डीलरों को बोरियां गोदाम से तौल कर दी जाती हैं। ऐसे में राशन कम देने का सवाल ही नहीं है। अब बीच में कोई राशन कम कर दे तो इसकी जिम्मेदारी गोदाम की नहीं है।
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- कैलाश चंद्र पांडे, एसएमआई, गोदाम