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2000 करोड़ से भूमिगत होंगी दून की विद्युत लाइनें
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:16 AM IST
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2000 करोड़ से भूमिगत होंगी दून की विद्युत लाइनें
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी की सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इस पर 2000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने यूपीसीएल को 500 करोड़ रुपये देने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। एडीबी ने यूपीसीएल अफसरों से 15 जुलाई तक योजना का मसौदा मांगा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड ट्रांसमिशन स्ट्रेंथनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (यूटीएसडीआईपी) के तहत दून, ऋषिकेश, हरिद्वार समेत कई शहरों की विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाना है। हरिद्वार में योजना पर काम शुरू किए जाने के बाद अब राजधानी की लाइनों को भूमिगत करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। यूपीसीएल की ओर से एशियन डेवलपमेंट बैंक को भेजे गए प्रस्ताव पर एडीबी ने 500 करोड़ रुपये देने के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसके लिए एडीबी ने यूपीसीएल अफसरों से 15 जुलाई तक योजना के पहले चरण का ब्योरा मांगा है।
यूपीसीएल निदेशक अतुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि योजना के पहले चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक 500 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया है। 15 जुलाई से पूर्व यूपीसीएल की ओर से एडीबी अफसरों को प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। जैसे ही एशियन डेवलपमेंट बैंक से बजट जारी होगा राजधानी की लाइनों को भूमिगत करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निदेशक ने बताया कि दून की सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। फिलहाल योजना के पहले चरण में शहर के मुख्य मार्गों की बिजली लाइनों को भूमिगत करने की योजना है, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था के लिए भी मुख्य मार्गों पर पर्याप्त जगह मिल सके।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी की सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इस पर 2000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने यूपीसीएल को 500 करोड़ रुपये देने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। एडीबी ने यूपीसीएल अफसरों से 15 जुलाई तक योजना का मसौदा मांगा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड ट्रांसमिशन स्ट्रेंथनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (यूटीएसडीआईपी) के तहत दून, ऋषिकेश, हरिद्वार समेत कई शहरों की विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाना है। हरिद्वार में योजना पर काम शुरू किए जाने के बाद अब राजधानी की लाइनों को भूमिगत करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। यूपीसीएल की ओर से एशियन डेवलपमेंट बैंक को भेजे गए प्रस्ताव पर एडीबी ने 500 करोड़ रुपये देने के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसके लिए एडीबी ने यूपीसीएल अफसरों से 15 जुलाई तक योजना के पहले चरण का ब्योरा मांगा है।
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यूपीसीएल निदेशक अतुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि योजना के पहले चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक 500 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गया है। 15 जुलाई से पूर्व यूपीसीएल की ओर से एडीबी अफसरों को प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। जैसे ही एशियन डेवलपमेंट बैंक से बजट जारी होगा राजधानी की लाइनों को भूमिगत करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निदेशक ने बताया कि दून की सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। फिलहाल योजना के पहले चरण में शहर के मुख्य मार्गों की बिजली लाइनों को भूमिगत करने की योजना है, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था के लिए भी मुख्य मार्गों पर पर्याप्त जगह मिल सके।
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