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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मिल्कीराम अग्रवाल निधन
Updated Sat, 16 Dec 2017 02:33 AM IST
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मिल्कीराम अग्रवाल निधन
ब्यूरो/अमर उजाला
कालसी।
समाजसेवी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मिल्कीराम अग्रवाल का (90) निधन हो गया है। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे उन्होंने महंत इन्द्रिेश अस्पताल देहरादून में अंतिम सांस ली। वे दिल की बीमारी से पीड़ित थे और चार दिन से अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से खत लखवाड़ के साथ ही जौनसार बावर और पछवादून में शोक की लहर है। शनिवार को यमुना पुल लखवाड़ में उनका अंतिम संस्कार होगा।
मिल्कीराम का जन्म कालसी तहसील के लखवाड़ गांव में हुआ था। वह कई बार ग्राम सभा के प्रधान भी रहे। आजादी की लड़ाई में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने लखवाड-व्यासी बांध प्रभावितों की हक हकूक की भी लड़ाई लड़ी। परियोजना का कार्य ठप होने पर उसे फिर से शुरू कराने में उन्होंने राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक पैरवी की। वह लखवाड़-व्यासी बांध परियोजना संघर्ष समिति के लंबे समय तक अध्यक्ष भी रहे। उसके चार बेटे और दो बेटियां हैं। सबसे बड़ा बेटा राजेश कुमार पेयजल निगम में अधीक्षण अभियंता के रूप में कार्यरत है।
उनके निधन पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, तरुण खत संघ के अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, क्षमा शर्मा, सुखपाल सिंह तोमर आदि ने दुख प्रकट किया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
कालसी।
समाजसेवी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मिल्कीराम अग्रवाल का (90) निधन हो गया है। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे उन्होंने महंत इन्द्रिेश अस्पताल देहरादून में अंतिम सांस ली। वे दिल की बीमारी से पीड़ित थे और चार दिन से अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से खत लखवाड़ के साथ ही जौनसार बावर और पछवादून में शोक की लहर है। शनिवार को यमुना पुल लखवाड़ में उनका अंतिम संस्कार होगा।
मिल्कीराम का जन्म कालसी तहसील के लखवाड़ गांव में हुआ था। वह कई बार ग्राम सभा के प्रधान भी रहे। आजादी की लड़ाई में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने लखवाड-व्यासी बांध प्रभावितों की हक हकूक की भी लड़ाई लड़ी। परियोजना का कार्य ठप होने पर उसे फिर से शुरू कराने में उन्होंने राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक पैरवी की। वह लखवाड़-व्यासी बांध परियोजना संघर्ष समिति के लंबे समय तक अध्यक्ष भी रहे। उसके चार बेटे और दो बेटियां हैं। सबसे बड़ा बेटा राजेश कुमार पेयजल निगम में अधीक्षण अभियंता के रूप में कार्यरत है।
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उनके निधन पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, तरुण खत संघ के अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, क्षमा शर्मा, सुखपाल सिंह तोमर आदि ने दुख प्रकट किया है।
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