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एमकेपी का हंगामा पहुंचा बाल अधिकार संरक्षण आयोग
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:18 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
एमकेपी पीजी कॉलेज में एनएसयूआई के दो गुटों के बीच हुई मारपीट में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने डीएम एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनीता कुमार और एमकेपी सोसाइटी के सचिव जितेंद्र सिंह नेगी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी को चार अगस्त को पेश होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। आयोग का मानना है कि कॉलेज में मारपीट की घटना से स्कूली बच्चों की मनोदशा पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर घटना की रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
आयोग के कार्यालय में बृहस्पतिवार को बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने शिक्षण संस्थानों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि मसूरी के एक निजी स्कूल में छात्राओं के शोषण के मामले में एसएसपी और शिक्षा महानिदेशक ने आयोग को रिपोर्ट सौंप दी गई। उन्होंने स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य को भी चार अगस्त को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नेहरू ग्राम स्थित स्कूल द इंडियन एकेडमी, माजरा स्थित ओलंपस स्कूल और कैनाल रोड स्थित सेंट जेवियर स्कूल को भी अभिभावकों की शिकायतों के मामले में अपना पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं।
राजपुर रोड स्थित मॉरवीन स्कूल में छात्र को टीसी और मार्कशीट न देने के मामले में स्कूल प्रबंधन को संबंधित कागजात के साथ चार अगस्त को पेश होने के निर्देश दिए। कारगी चौक स्थित हिमालयन पब्लिक स्कूल में वार्षिक शुल्क लेने, दून सरला एकेडमी में प्राइवेट किताबें चलाने और फीस में बढ़ोतरी मामले में प्रबंधकों को आठ अगस्त को पेश होने के नोटिस जारी किए गए। ऊषा नेगी ने बताया कि सभी मामलों पर सुनवाई दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी और सोसायटी रजिस्ट्रार के उप निबंधक को मौजूद होने के निर्देश दिए गए हैं।
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एमकेपी पीजी कॉलेज में एनएसयूआई के दो गुटों के बीच हुई मारपीट में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने डीएम एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनीता कुमार और एमकेपी सोसाइटी के सचिव जितेंद्र सिंह नेगी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी को चार अगस्त को पेश होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। आयोग का मानना है कि कॉलेज में मारपीट की घटना से स्कूली बच्चों की मनोदशा पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर घटना की रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
आयोग के कार्यालय में बृहस्पतिवार को बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने शिक्षण संस्थानों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि मसूरी के एक निजी स्कूल में छात्राओं के शोषण के मामले में एसएसपी और शिक्षा महानिदेशक ने आयोग को रिपोर्ट सौंप दी गई। उन्होंने स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य को भी चार अगस्त को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नेहरू ग्राम स्थित स्कूल द इंडियन एकेडमी, माजरा स्थित ओलंपस स्कूल और कैनाल रोड स्थित सेंट जेवियर स्कूल को भी अभिभावकों की शिकायतों के मामले में अपना पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं।
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राजपुर रोड स्थित मॉरवीन स्कूल में छात्र को टीसी और मार्कशीट न देने के मामले में स्कूल प्रबंधन को संबंधित कागजात के साथ चार अगस्त को पेश होने के निर्देश दिए। कारगी चौक स्थित हिमालयन पब्लिक स्कूल में वार्षिक शुल्क लेने, दून सरला एकेडमी में प्राइवेट किताबें चलाने और फीस में बढ़ोतरी मामले में प्रबंधकों को आठ अगस्त को पेश होने के नोटिस जारी किए गए। ऊषा नेगी ने बताया कि सभी मामलों पर सुनवाई दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी और सोसायटी रजिस्ट्रार के उप निबंधक को मौजूद होने के निर्देश दिए गए हैं।
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