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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जज पहुंचे हनोल
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा शनिवार को हनोल पहुंचे। उन्होंने महासू मंदिर में परिवार के साथ माथा टेककर खुशहाली की मन्नत मांगी। इस दौरान मंदिर समिति ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज रहने के दौरान ही उनकी हनोल आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हुई है। कहा कि महासू मंदिर में आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुविधाओं के विकास के लिए पुरातत्व विभाग और मंदिर समिति को मिलजुल कर कार्य करना होगा। कहा कि धार्मिक, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग की निगरानी जरूरी है। साथ ही इन धरोहरों के आसपास के क्षेत्रों को विकसित किए जाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस दौरान मंदिर समिति के प्रबंधक नरेंद्र नौटियाल, रामदत्त जोशी, रोशनलाल, जय किशन आदि मौजूद रहे।
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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा शनिवार को हनोल पहुंचे। उन्होंने महासू मंदिर में परिवार के साथ माथा टेककर खुशहाली की मन्नत मांगी। इस दौरान मंदिर समिति ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज रहने के दौरान ही उनकी हनोल आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हुई है। कहा कि महासू मंदिर में आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुविधाओं के विकास के लिए पुरातत्व विभाग और मंदिर समिति को मिलजुल कर कार्य करना होगा। कहा कि धार्मिक, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग की निगरानी जरूरी है। साथ ही इन धरोहरों के आसपास के क्षेत्रों को विकसित किए जाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि श्रद्धालुुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस दौरान मंदिर समिति के प्रबंधक नरेंद्र नौटियाल, रामदत्त जोशी, रोशनलाल, जय किशन आदि मौजूद रहे।
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