{"_id":"5cf43315bdec2207532a73ab","slug":"15595077291256-dehradun-news120","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुगाड़ से चल रहे सरकार के 56 डिग्री कॉलेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुगाड़ से चल रहे सरकार के 56 डिग्री कॉलेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के 56 सरकारी डिग्री कॉलेज जुगाड़ से चल रहे हैं। सरकार अपने इन कॉलेजों की संबद्धता (एफिलिएशन) सत्र 2014-15 से नहीं करा पाई है। ऐसे में इन असंबद्ध कॉलेजों से पास हो चुके हजारों का भविष्य दांव पर लग गया है। दूसरी ओर सरकार अशासकीय महाविद्यालयों को गढ़वाल विवि से असंबद्ध कर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करने की तैयारी में है।
गढ़वाल विवि से संबद्ध रहे 56 सरकारी डिग्री कॉलेजों को वर्ष 2018 में असंबद्ध कर दिया गया था। सत्र 2018-19 में इन कॉलेजों को श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध कर दिया गया। हालांकि इन कॉलेजों की संबद्धता का कोई प्रमाण नहीं है। दरअसल इन कॉलेजों की संबद्धता सत्र 2014-15 से हुई ही नहीं थी। इसके बावजूद इन सभी कॉलेजों को श्रीदेव सुमन विवि ने भी संबद्धता जारी कर दी। नियमों के हिसाब से इन कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की परीक्षाएं और डिग्री मान्य नहीं होगी। ऐसे में इन कॉलेजों से पासआउट हो चुके हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।
बहरहाल अब पूरा मामला फंस गया है तो सरकार ने जुगाड़ का रास्ता निकाला है। तय किया गया है कि गढ़वाल विवि के हिस्से की संबद्धता का मामला भी श्रीदेव सुमन विवि की कार्यकारी परिषद (ईसी) में लाकर पास किया जाएगा। इसके बाद यह कॉलेज और इनसे पढ़ने वाले छात्र वैध हो जाएंगे।
विज्ञापन
अशासकीय महाविद्यालयों को हटाने की तैयारी
सरकारी डिग्री कॉलेजों को गढ़वाल विवि से असंबद्ध करने के बाद अब गढ़वाल मंडल के 17 अशासकीय महाविद्यालयों को भी असंबद्ध करने की तैयारी है। इसके लिए चार जून की कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जा सकता है। हालांकि दबी जुबान में अशासकीय महाविद्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी कह रहे हैं कि अपने सरकारी कॉलेजों की संबद्धता का ठिकाना नहीं है। फिर भी सरकार अशासकीय महाविद्यालयों का बोझ बढ़ा रही है।
---
56 सरकारी डिग्री कॉलेजों की सत्र 2014-15 से लटकी संबद्धता पर फैसला कार्यकारी परिषद की बैठक में लिया जाएगा। नए सत्र की संबद्धता हम पहले ही दे चुके हैं।
-डॉ. उदय सिंह रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि
विज्ञापन
प्रदेश के 56 सरकारी डिग्री कॉलेज जुगाड़ से चल रहे हैं। सरकार अपने इन कॉलेजों की संबद्धता (एफिलिएशन) सत्र 2014-15 से नहीं करा पाई है। ऐसे में इन असंबद्ध कॉलेजों से पास हो चुके हजारों का भविष्य दांव पर लग गया है। दूसरी ओर सरकार अशासकीय महाविद्यालयों को गढ़वाल विवि से असंबद्ध कर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करने की तैयारी में है।
गढ़वाल विवि से संबद्ध रहे 56 सरकारी डिग्री कॉलेजों को वर्ष 2018 में असंबद्ध कर दिया गया था। सत्र 2018-19 में इन कॉलेजों को श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध कर दिया गया। हालांकि इन कॉलेजों की संबद्धता का कोई प्रमाण नहीं है। दरअसल इन कॉलेजों की संबद्धता सत्र 2014-15 से हुई ही नहीं थी। इसके बावजूद इन सभी कॉलेजों को श्रीदेव सुमन विवि ने भी संबद्धता जारी कर दी। नियमों के हिसाब से इन कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की परीक्षाएं और डिग्री मान्य नहीं होगी। ऐसे में इन कॉलेजों से पासआउट हो चुके हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।
विज्ञापन
बहरहाल अब पूरा मामला फंस गया है तो सरकार ने जुगाड़ का रास्ता निकाला है। तय किया गया है कि गढ़वाल विवि के हिस्से की संबद्धता का मामला भी श्रीदेव सुमन विवि की कार्यकारी परिषद (ईसी) में लाकर पास किया जाएगा। इसके बाद यह कॉलेज और इनसे पढ़ने वाले छात्र वैध हो जाएंगे।
विज्ञापन
अशासकीय महाविद्यालयों को हटाने की तैयारी
सरकारी डिग्री कॉलेजों को गढ़वाल विवि से असंबद्ध करने के बाद अब गढ़वाल मंडल के 17 अशासकीय महाविद्यालयों को भी असंबद्ध करने की तैयारी है। इसके लिए चार जून की कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जा सकता है। हालांकि दबी जुबान में अशासकीय महाविद्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी कह रहे हैं कि अपने सरकारी कॉलेजों की संबद्धता का ठिकाना नहीं है। फिर भी सरकार अशासकीय महाविद्यालयों का बोझ बढ़ा रही है।
---
56 सरकारी डिग्री कॉलेजों की सत्र 2014-15 से लटकी संबद्धता पर फैसला कार्यकारी परिषद की बैठक में लिया जाएगा। नए सत्र की संबद्धता हम पहले ही दे चुके हैं।
-डॉ. उदय सिंह रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि