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मरीज को निजी लैब भेजने वाले डॉक्टर की ओपीडी पर लगाया 15 दिन का बैन
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। एक मरीज को जांच के लिए निजी लैब भेजने के आरोप में दून अस्पताल के डॉ. अंकित जैन की ओपीडी पर 15 दिन प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभागीय जांच में डॉक्टर पर लगे आरोपों की पुष्टि होने पर प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने उन्हें चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही भविष्य में ऐसा करने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी।
कारगी निवासी भोलादत्त बुधवार को शरीर में बन रही एक गांठ की समस्या को लेकर दून अस्पताल में सर्जरी विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. अंकित जैन के पास पहुंचे थे। डॉ. जैन ने सामान्य जांच के बाद उन्हें एफएनएसी टेस्ट कराने की सलाह दी। उन्होंने मरीज को दून अस्पताल की बजाय एक निजी लैब से टेस्ट कराने को कहा। साथ ही निजी लैब की एक पर्ची भी थमाई और नक्शे के जरिये लैब तक पहुंचने का रास्ता बताया। भोलादत्त के परिजनों ने तत्काल इसकी शिकायत प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना से की और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
डॉ. आशुतोष सयाना ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा और विभागाध्यक्ष को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जांच में मरीज के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई है। इस पर डॉ. अंकित जैन को 15 दिन के लिए ओपीडी से हटाते हुए चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
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देहरादून। एक मरीज को जांच के लिए निजी लैब भेजने के आरोप में दून अस्पताल के डॉ. अंकित जैन की ओपीडी पर 15 दिन प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभागीय जांच में डॉक्टर पर लगे आरोपों की पुष्टि होने पर प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने उन्हें चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही भविष्य में ऐसा करने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी।
कारगी निवासी भोलादत्त बुधवार को शरीर में बन रही एक गांठ की समस्या को लेकर दून अस्पताल में सर्जरी विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. अंकित जैन के पास पहुंचे थे। डॉ. जैन ने सामान्य जांच के बाद उन्हें एफएनएसी टेस्ट कराने की सलाह दी। उन्होंने मरीज को दून अस्पताल की बजाय एक निजी लैब से टेस्ट कराने को कहा। साथ ही निजी लैब की एक पर्ची भी थमाई और नक्शे के जरिये लैब तक पहुंचने का रास्ता बताया। भोलादत्त के परिजनों ने तत्काल इसकी शिकायत प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना से की और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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डॉ. आशुतोष सयाना ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा और विभागाध्यक्ष को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जांच में मरीज के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई है। इस पर डॉ. अंकित जैन को 15 दिन के लिए ओपीडी से हटाते हुए चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
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