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केसरीचंद के शहादत दिवस पर लगे मेले में उमड़ा जनसैलाब

Sat, 04 May 2019 01:55 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2019 01:55 AM IST
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केसरीचंद के शहादत दिवस पर लगे मेले में उमड़ा जनसैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
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चकराता। वीर शहीद केसरी चंद के शहादत दिवस पर रामताल गार्डन में लगे मेले में शुक्रवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने शहीद स्मारक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केसरीचंद को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद मेले में जमकर खरीदारी की।
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। लोक कलाकार सन्नी दयाल ने जौनसारी, हिमाचली गीतों से समा बांध दिया। सन्नी के गीतों पर युवा जमकर झूमे। सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुत हारुल, तांदी, झेंता नृत्य पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। वहीं, गायक कुमपाल भारती ने भी एक से बढ़कर एक गीत सुना लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। साथ ही नन्दलाल भारती के नेतृत्व में नवज्योति संस्कृतिक कलामंच देहरादून, पहल सामाजिक संस्था, मटियावा शिवा सरगम मटियावा, जौनसार लोक संस्कृतिक दल की टीमों ने भी प्रस्तुति देकर समा बांधा। वहीं, सरस्वती शिशु मंदिर में मागटी के नौनिहालों ने भी सुंदर प्रस्तुतियां दीं। गायिका नितिका भारती ने जय महासू देवा.., मोडे रे मोडाए.., आऊं माता जांदी न साउरे.., चौमासे की डांडी गीत गाए।
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मेले में जौनसार बावर, पछवादून, रवाईं, जौनपुर, देहरादून, हिमाचल के विभिन्न जिलों के लोग पहुंचे। हिमाचल के कोटखाई से आई लक्ष्मी और रेखा का कहना है की वह हर वर्ष इस मेले में आती हैं। उनके रिश्तेदार चकराता में रहते हैं इस बहाने उनसे मुलाकात हो जाती है। चकराता की रोशनी देवी, जग्गो देवी, मीना, मीरा, रनदेई का कहना है कि यही दिन होता है जब वे अपने सगे संबंधियों का हालचाल पूछ कर सुख दुख साझा करते हैं।
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नेताओं और अधिकारियों ने भी शिरकत
रामताल गार्डन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे विकासनगर के विधायक मुन्ना चौहान ने कहा कि वीर शहीद केसरी चंद के कारण जौनसार बावर परगने को सम्मान और पहचान मिली। ओएनजीसी के कार्यकारी निदेशक हरी सिंह ने कहा कि शहीदों के बलिदान के कारण ही सारा देश खुली हवा में सांस ले रहा है। साथ ही अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मूरत राम शर्मा, कालसी के ब्लॉक प्रमुख अर्जुन सिंह, उत्तराखंड एकता मंच के संयोजक विनोद बछेती ने भी मेले में शिरकत की।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित
मेला समिति ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में खेल के क्षेत्र में नैंसी बिष्ट, रविंद्र चौहान, पीसीएस अधिकारी चतर चौहान और गोपाल सिंह चौहान, बागवानी के क्षेत्र में निर्मल तोमर के साथ ही मेला समिति के सदस्य महावीर तोमर शामिल रहे।
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वाहनों की कमी से हुई परेशानी
मेले में उमड़ी भीड़ की अपेक्षा वाहनों की कमी से यहां आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बच्चों और महिलाओं को भी वाहनों की छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ा। वहीं, बेतरतीब खड़े हुए वाहनों से चकरता-मसूरी मोटर मार्ग पर जाम लगा रहा। पुलिस को जाम खुलवाने में तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।

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स्वतंत्रता संग्राम के नायक थे केसरी चंद
जौनसार के क्यावा गांव में एक नवंबर 1920 को जन्मे केसरी चंद बचपन से ही साहसी थे। उनमें नेतृत्व का गुण और देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी। इसी भावना के कारण वह 10 अप्रैल 1941 में रॉयल आर्मी सर्विस कॉर्प्स में भर्ती हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान केसरी चंद को मलाया की लड़ाई में मोर्चे पर तैनात किया गया। बाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरित होकर वे आजाद हिंद फौज में भर्ती हो गए। अंग्रेजी हुकूमत की पुलिस पर हमला करने के प्रयास में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 24 वर्ष की अल्पायु में केसरी चंद को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ षड़यंत्र रचने के जुर्म में तीन मई 1945 को फांसी दे दी गई।
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