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जौनसार-बावर परगना वीरों की भूमि : अभिषेक
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
साहिया। स्वतंत्रता संग्राम सैनानी वीर फुनकूदास स्मारक समिति पंजिया की ओर से मंडी परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। इस अवसर लोक कलाकारों और छात्राओं ने रंगारंग सास्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे युवा कांग्रेसी नेता अभिषेक चौहान ने कहा कि जौनसार-बावर परगना वीरों की भूमि रही है। यहां के वीरों के किस्से स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही ऐतिहासिक काल में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने गौरवमयी इतिहास का अनुसरण करना चाहिए। इससे विकास के साथ ही संस्कृति का संरक्षण भी हो सकेगा। समापन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत भजनदास ने आमे देवा तेरे भगीत देवा रे देवा, धन बोठा महासू महाराज तेरी देवटी, महासू वंदना से की। इसके बाद उन्होंने वीर थे फुनकूदास, कलीराम हारुल गाई। हंस फाउंडेशन की टीम ने गढ़वाली लोकनृत्य प्रस्तुत किया। लोक गायक संतराम कुंवर ने नराए के महासू देवा अब तो आइयेगी देवा तपलाड़ा की बारी और बागिडिया पड़ा बिरमोऊ के सेरी गीत पर शानदार प्रस्तुति दी। एसएमआर डिग्री कॉलेज साहिया की छात्राओं ने जौनसारी गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। लोक गायक सचिन वर्मा, बबली वर्मा ने भी जौनसारी और हिमाचली गीतों पर समा बांधा। इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह बिष्ट, सुभाष वर्मा, गोपाल सिंह चौहान, सुभाष भाटी, बालम सिंह चौहान, बलवीर सिंह राय, अर्जुन सिंह, अनिल तोमर, सतपाल राय, सुरेंद्र चौहान, अमन अरोड़ा, इंद्र सिंह, मान सिंह चौहान, केशवराम, शांति वर्मा, खजान वर्मा, मायाराम भट्ट, बलवीर सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।----
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साहिया। स्वतंत्रता संग्राम सैनानी वीर फुनकूदास स्मारक समिति पंजिया की ओर से मंडी परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। इस अवसर लोक कलाकारों और छात्राओं ने रंगारंग सास्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे युवा कांग्रेसी नेता अभिषेक चौहान ने कहा कि जौनसार-बावर परगना वीरों की भूमि रही है। यहां के वीरों के किस्से स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही ऐतिहासिक काल में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने गौरवमयी इतिहास का अनुसरण करना चाहिए। इससे विकास के साथ ही संस्कृति का संरक्षण भी हो सकेगा। समापन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत भजनदास ने आमे देवा तेरे भगीत देवा रे देवा, धन बोठा महासू महाराज तेरी देवटी, महासू वंदना से की। इसके बाद उन्होंने वीर थे फुनकूदास, कलीराम हारुल गाई। हंस फाउंडेशन की टीम ने गढ़वाली लोकनृत्य प्रस्तुत किया। लोक गायक संतराम कुंवर ने नराए के महासू देवा अब तो आइयेगी देवा तपलाड़ा की बारी और बागिडिया पड़ा बिरमोऊ के सेरी गीत पर शानदार प्रस्तुति दी। एसएमआर डिग्री कॉलेज साहिया की छात्राओं ने जौनसारी गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। लोक गायक सचिन वर्मा, बबली वर्मा ने भी जौनसारी और हिमाचली गीतों पर समा बांधा। इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह बिष्ट, सुभाष वर्मा, गोपाल सिंह चौहान, सुभाष भाटी, बालम सिंह चौहान, बलवीर सिंह राय, अर्जुन सिंह, अनिल तोमर, सतपाल राय, सुरेंद्र चौहान, अमन अरोड़ा, इंद्र सिंह, मान सिंह चौहान, केशवराम, शांति वर्मा, खजान वर्मा, मायाराम भट्ट, बलवीर सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।----
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