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उच्च शिक्षा में गुणवता पर हुआ मंथन
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में उच्च शिक्षा में ‘गुणवत्ता शिक्षा निरंतर मूल्यांकन एवं आईक्यूएसी की भूमिका’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को हुआ।
कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मलकानी ने कहा कि वर्तमान में वही शिक्षण संस्थान खुद को स्थापित कर सकता है जो गुणवत्तापरक शिक्षा देता हो। लेकिन, कौन सा शिक्षण संस्थान गुणवत्तापरक शिक्षा देता है इसका निर्धारण राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मानक तय करते हैं। लिहाजा प्रत्येक महाविद्यालय को नैक का निरीक्षण करवाना अनिवार्य है। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने महाविद्यालयों में विश्व स्तरीय मानकों के अनुसार शिक्षा मुहैया कराने पर जोर दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केएल बिष्ट ने बताया कि जिन महाविद्यालयों की स्थापना को छह वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें नैक से मूल्यांकन कराना अनिवार्य है। आयोजक सचिव डॉ. आरके जोशी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य नैक के प्रति महाविद्यालयों को जागरूक करना है। साथ ही उच्च शिक्षा में इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के योगदान को बताना है। कार्यशाला में महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. कामना लोहानी की किताब एजुकेशन पॉलिसी ऑफ लॉर्ड कर्जन एंड इटस इंपेक्ट अपॉन इंडिया का विमोचन किया गया। इस दौरान डॉ. आरएस असवाल, डॉ. आशुतोष, डॉ. विरेंद्र जोशी, डॉ. राजकुमारी भंडारी, डॉ. राकेश मोहन नौटियाल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. निरंजन प्रजापति, डॉ. माधुरी रावत, डॉ. दीप्ति बगवाड़ी, डॉ. योगेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
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वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में उच्च शिक्षा में ‘गुणवत्ता शिक्षा निरंतर मूल्यांकन एवं आईक्यूएसी की भूमिका’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को हुआ।
कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मलकानी ने कहा कि वर्तमान में वही शिक्षण संस्थान खुद को स्थापित कर सकता है जो गुणवत्तापरक शिक्षा देता हो। लेकिन, कौन सा शिक्षण संस्थान गुणवत्तापरक शिक्षा देता है इसका निर्धारण राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मानक तय करते हैं। लिहाजा प्रत्येक महाविद्यालय को नैक का निरीक्षण करवाना अनिवार्य है। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने महाविद्यालयों में विश्व स्तरीय मानकों के अनुसार शिक्षा मुहैया कराने पर जोर दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केएल बिष्ट ने बताया कि जिन महाविद्यालयों की स्थापना को छह वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें नैक से मूल्यांकन कराना अनिवार्य है। आयोजक सचिव डॉ. आरके जोशी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य नैक के प्रति महाविद्यालयों को जागरूक करना है। साथ ही उच्च शिक्षा में इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के योगदान को बताना है। कार्यशाला में महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. कामना लोहानी की किताब एजुकेशन पॉलिसी ऑफ लॉर्ड कर्जन एंड इटस इंपेक्ट अपॉन इंडिया का विमोचन किया गया। इस दौरान डॉ. आरएस असवाल, डॉ. आशुतोष, डॉ. विरेंद्र जोशी, डॉ. राजकुमारी भंडारी, डॉ. राकेश मोहन नौटियाल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. निरंजन प्रजापति, डॉ. माधुरी रावत, डॉ. दीप्ति बगवाड़ी, डॉ. योगेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
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